देवोत्थान एकादशी पर परिक्रमा मार्ग में बनी मानव श्रृंखला

देवोत्थान एकादशी पर परिक्रमा मार्ग में बनी मानव श्रृंखला 
-तीन वन और पंचकोसीय परिक्रमा के लिए परिक्रमार्थियों की उमड़ी भीड़ 
   मथुरा। देवोत्थान एकादशी पर धर्म नगरी वृंदावन में मध्यरात्रि से ही तीन वन और पंचकोसीय परिक्रमा के लिए परिक्रमार्थियों की भीड़ उमड़ परिक्रमा मार्ग में दिखने लगी थी। भोर के समय हल्की ठंड के बीच परिक्रमा मार्ग में अटूट मानव श्रंखला दिख रही थी। माना जाता है कि द्वापर युग में कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने तीन वन यानि मथुरा, वृंदावन और गरुड गोविंद की परिक्रमा लगाई थी, उनके साथ ब्रजवासियों ने भी परिक्रमा लगाई थी, तभी से इस परम्परा का निर्वहन भक्तों द्वारा किया जाता है। 
   ऐसी मान्यता है कि तीन वन परिक्रमा करने से मक्त के सारे काट दूर हो जाते हैं और मनोकामना पूर्ण होती है। देवोत्थान एकादशी को रात्रि में देव उठान की पूजा में गन्ना और सिंघाड़ों का प्रयोग किया जाता है। इसी के चलते परिक्रमा मार्ग में गन्ना और सिंघाड़ों की खूब बिक्री हुई। परिक्रमा मार्ग राधे राधे के जयकारों से गुंजायमान रहा। मार्ग देवोत्थान एकादशी पर चतुर्वेदी समाज के लोगों ने कंस वध की प्रतीकात्मक लीला के बाद मध्य रात्रि से ही तीन वन की परिक्रमा शुरु कर दी। 
   वहीं वृंदावन नगर के लोगों ने यहां की पंचकोसी परिक्रमा कर पुण्य लाभ कमाया, परिक्रमा का यह क्रम देर सायं तक चलता रहा। पूरा परिक्रमा मार्ग राधे राधे के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। नगर निगम ने परिक्रमा मार्ग में चाक चौबंद व्यवस्था की थीं। चप्पे चप्पे पर सफाई कर्मचारी तैनात नगर निगम प्रशासन द्वारा सफाई की समुचित व्यवस्था के लिए चप्पे चप्पे पर सफाई कर्मचारी तैनात किए गए। वहीं पुलिस प्रशासन भी परिक्रमा पर पैनी नजर रखे हुए था। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह परिक्रमार्थियों की सुविधा के लिए कहीं हलवा पूड़ी, साग पूडी, खीर फल, चाय और फलाहार आदि का वितरण किया गया, वहीं कई जगह प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर लगाकर निशुल्क उपचार किया गया। 
   देवोत्थान एकादशी पूजा के लिए परिक्रमा मार्ग में जगह जगह पूजा सामग्री और गन्ना की बिक्री हो रही थी। लोग शाम के समय पूजा के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे थे। पंचकोशीय परिक्रमा में सुबह से ही मानव श्रृंखला बन गई। जो देर शाम नहीं टूटी थी। विदेशी भक्त भी भजन कीर्तन करते परिक्रमा में लगा रहे थे। इस्कोन मंदिर और अटल्ला चुंगी कट पर तैनात पुलिसकर्मी कमी परिक्रमार्थियों रोकते तो कभी वाहनों को। स्मणरेती बिहार घाट, सूरज घाट, श्रृंगारवट घाट, केशीघाट पर श्रद्धालुओं का मेला लगा रहा। खुले पैसे न होने से चाट पकोड़ी के ठेलों पर भीड़ कम रही। आज ज बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन करने के लिए भी लोग बड़ी तादाद में पहुंचे।

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