योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर-रामकिशोर पांडेय
योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर-रामकिशोर पांडेय
-अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपद न्यायालय में हुआ सामूहिक योगाभ्यास
मथुरा । उच्च न्यायालय इलाहाबाद, उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार शनिवार को जनपद न्यायालय के केंद्रीय कक्ष में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के प्रशिक्षित योग शिक्षक एवं पेशकार हरेकृष्ण ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए तथा योग से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी दी ।
इस दौरान कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत, प्रणव प्राणायाम, चक्रासन, मंडूकासन, पश्चोत्तानासन, पवनमुक्तासन, सर्वांगासन तथा भुजंगासन सहित अनेक योग क्रियाओं का अभ्यास किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी जनपद न्यायाधीश राम किशोर पाण्डेय ने कहा कि योग शरीर को रोगमुक्त रखने और मन को शांति प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है, योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है, उन्होंने सभी लोगों से अपने दैनिक जीवन में योग को नियमित रूप से अपनाने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की जिससे समाज में स्वास्थ्य एवं सकारात्मकता का वातावरण विकसित हो सके।
अपर जिला जज अजय पाल सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है, योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकता है, कार्यक्रम में अपर जिला जज अजय ब्रजेश कुमार, विनय कुमार सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी एवं लीगल एड डिफेन्स काउंसिल के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया ।







.jpeg)









