तिलक, राखी, मिठाई और नए वस्त्र पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे
तिलक, राखी, मिठाई और नए वस्त्र पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे
मथुरा । किसी बच्चे की कलाई पर बंधी राखी सिर्फ धागा नहीं होती, वह रिश्ते, अपनत्व और खुशियों का एहसास होती है लेकिन जब बचपन अभावों के बीच पल रहा हो, तब त्योहार की खुशियां भी कई बार उससे दूर रह जाती हैं, पन्ना पोखर की झुग्गी बस्ती में ऐसे ही बच्चों के बीच जब रक्षाबंधन पहुंचा, तो माहौल बदल गया चेहरों पर मुस्कान थी, आंखों में चमक थी और छोटी-छोटी कलाईयों पर प्रेम की डोर सजी थी ।
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यह खूबसूरत दृश्य देखने को मिला जस्टिस फॉर चिल्ड्रन स्ट्रीट स्कूल निःशुल्क शिक्षा केंद्र, पन्ना पोखर में, जहां अभावग्रस्त एवं शिक्षा से वंचित बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया, बालिकाओं ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी, बच्चों को मिष्ठान खिलाया गया तथा नए वस्त्र प्रदान किए गए, उपहार मिलने की खुशी से बच्चों के चेहरे खिल उठे, कार्यक्रम में सतीश चंद्र शर्मा, कुमारी कुमकुम, प्रीति राजपूत, सचिन कुमार, तनुज शर्मा सहित दर्जनों बच्चे उपस्थित रहे, जस्टिस फॉर चिल्ड्रन स्ट्रीट स्कूल निःशुल्क शिक्षा केंद्र की यह पहल बताती है कि समाज में बदलाव हमेशा बड़े मंचों से नहीं आता, कभी-कभी वह एक छोटी-सी झुग्गी बस्ती में, एक बच्चे की मुस्कान और उसकी कलाई पर बंधी एक राखी से भी शुरू होता है।







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