रसखान समाधि स्थल पर दिख रहे हैं सांझी कला के विविध रूप
रसखान समाधि स्थल पर दिख रहे हैं सांझी कला के विविध रूप
-पानी पर तैरती सांझी ने दर्शकों का मन मोहा, गोबर व पोर्ट्रेट पर भी उकेरी सांझी
महावन । उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जीएलए विश्वविद्यालय के संयुक्त आयोजन सांझी महोत्सव-2026 के दूसरे दिन बुधवार को सांझी कला के विविध रूप देखने को मिले, वृंदावन के प्रसिद्ध चित्रकार विश्वजीत और उनके साथी कलाकारों ने पानी पर तैरती हुई सांझी तैयार कर दर्शकों को आकर्षित किया, कलाकारों ने महोत्सव में पहुंचे लोगों को सांझी बनाने की प्रक्रिया से भी जोड़ा ।.jpg)
वृंदावन के रसिक वल्लभाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की गाय चराते हुए वनलीला का सांझी के माध्यम से सुंदर चित्रण किया, खजानी वूमेन पॉलिटेक्निक की छात्राओं ने पोर्ट्रेट पर सांझी बनाने का कार्य किया, धौली प्याऊ निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य उमा ने भी पोर्ट्रेट पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को उकेरा, मिर्जापुर की चित्रकार खुशबू ने भी सांझी निर्माण की प्रक्रिया में भाग लिया, बलदेव पब्लिक स्कूल से प्रीति चौहान के निर्देशन में छात्राओं ने पोर्ट्रेट पर सांझी की आकर्षक रचनाएं तैयार कीं, श्रुति कुमारी सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, दक्ष एजुकेशन की छात्राओं ने भी सांझी बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया ।
महोत्सव में सांझी के पारंपरिक स्वरूप को भी जीवंत किया जा रहा है, आगरा की सुनीता और अनुष्का तथा गोकुल की लक्ष्मी ने गोबर से पारंपरिक सांझी तैयार की, वहीं पोर्ट्रेट पर सांझी के माध्यम से कलाकार ब्रज की कला और कृष्णलीला को नए माध्यम में प्रस्तुत कर रहे हैं, कार्ष्णि इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी रंगोली बनाकर प्रतिभा दिखाई, बुधवार को बड़ी संख्या में वैष्णव तीर्थयात्री रसखान समाधि परिसर पहुंचे, गोकुल के पंकज बाबा के परिवार के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सांझी निर्माण देखा और कलाकारों से इसकी बारीकियों की जानकारी ली, तीर्थयात्री ब्रह्मांड घाट, चिंताहरण तथा यमुना पार के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन के बाद रसखान समाधि पहुंचे ।













