लखनऊ के गोमती नदी तट स्थित भव्य आस्था का केंद्र है खाटू श्याम मन्दिर
लखनऊ के गोमती नदी तट स्थित भव्य आस्था का केंद्र है खाटू श्याम मन्दिर
-वर्ष 2008 में किया गया था लखनऊ के इस खाटू श्याम के प्रसिद्ध मन्दिर का निर्माण
-लखनऊ के इस मन्दिर में खाटू श्याम के साथ विराजित हैं राधाकृष्ण, हनुमान जी और शिवलिंग
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में श्री खाटू श्याम जी का मंदिर बीरबल साहनी मार्ग, न्यू हैदराबाद (निशातगंज) के पास गोमती नदी के निकट स्थित है, लखनऊ का यह भव्य मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित मूल खाटू श्याम मंदिर की आस्था का विस्तार है, इस मंदिर का निर्माण वर्ष 2008 में कराया गया था, खाटू श्याम जी को महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक (घटोत्कच और मोरवी के पुत्र) का कलयुगी अवतार माना गया है ।
लखनऊ स्थित इस मंदिर में खाटू श्याम जी के अलावा भगवान श्री कृष्ण, राधा जी, हनुमान जी और शिवलिंग के रूप में महादेव जी भी विराजमान हैं, श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से यहाँ दर्शन करने पर भक्तों की वैसे ही हाजिरी लग जाती है जैसे राजस्थान के खाटू धाम में लगती है, मंदिर के बाईं ओर नारियल बांधकर मन्नतें मांगने की विशेष परंपरा है, लखनऊ की गोमती नदी किनारे स्थित इस मन्दिर में जन्माष्टमी, सोमवार, होली और श्याम जन्मोत्सव के अलावा वार्षिकोत्सव पर भव्य श्रृंगार, 56 भोग और अखंड ज्योत का आयोजन किया जाता है ।
लखनऊ के प्रसिद्ध श्री खाटू श्याम मंदिर की सेवा और पूजा-अर्चना का कार्य मुख्य रूप से पुजारी सुहेल देव मिश्रा संभालते हैं, इनके साथ पुजारी राजू चतुर्वेदी और चन्दन मिश्रा भी मन्दिर की दैनिक धार्मिक गतिविधियों और आरती सेवा आदि की व्यवस्था सम्भालते हैं, यह मंदिर गोमती नदी के तट पर स्थित एक बेहद जागृत और भव्य आस्था का केंद्र है, यह भव्य मंदिर श्रद्धालुओं के बीच अपनी शांति और सुंदर बनावट के लिए जाना जाता है ।.jpg)
लखनऊ स्थित खाटू श्याम बाबा के यह प्रसिद्ध मंदिर गर्मियों में सुबह 5 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक दर्शनों के लिए खुला रहता है, वहीं सर्दियों में सुबह 6 बजे से दोपहर एक बजे तक और शाम 4 बजे से रात 9:30 बजे तक पट खुले रहते हैं, मंदिर में प्रतिदिन 5 प्रकार की आरती होती हैं, सुबह 5:30 बजे मंगला आरती के साथ बाबा के दर्शन शुरू होते हैं और रात्रि में शयन आरती के बाद कपाट बंद किए जाते हैं ।
मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भगवान श्री कृष्ण द्वारा किए गए कालिया नाग मर्दन की एक अत्यंत सुंदर और सजीव झांकी के दर्शन होते हैं, मंदिर के पिछले हिस्से में गोमती नदी के किनारे एक सुंदर बगीचा बनाया गया है, जहाँ हनुमान जी की विशाल प्रतिमा और एक शिवलिंग स्थापित है, इसके अलावा मंदिर परिसर में एक गौशाला का भी संचालन किया जाता है, मान्यता है कि मंदिर के बाईं ओर पवित्र नारियल बांधकर मन्नत मांगने से बाबा श्याम भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं, भक्त यहाँ श्याम बाबा को मोर पंख और गुलाब के फूल अर्पित करते हैं, हर महीने आने वाली एकादशी तिथि को यहाँ विशेष रूप से भव्य भजन संध्या व कीर्तन का आयोजन किया जाता है जिसमें लखनऊ और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्याम भक्त पहुँचते हैं ।.png)
खाटू श्याम बाबा का यह मंदिर लखनऊ के केंद्र में गोमती नदी के तट पर स्थित है जिससे यहाँ शहर के किसी भी कोने से पहुंचना बेहद आसान है, मंदिर का सबसे निकट विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन और आईटी चौराहा मेट्रो स्टेशन है, यहाँ से मंदिर की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है, जहाँ से आप आसानी से ऑटो-रिक्शा या ई-रिक्शा ले सकते हैं, यदि आप निजी वाहन, कैब या ऑटो से आ रहे हैं तो आपको निशातगंज ब्रिज या हनुमान सेतु मंदिर वाले मार्ग से बीरबल साहनी मार्ग की ओर आना होगा, यह मंदिर हनुमान सेतु से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, चारबाग रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 6-7 किलोमीटर है, स्टेशन से आपको सीधे निशातगंज या आईटी चौराहे के लिए ऑटो और बसें मिल जाएँगी, बादशाहनगर रेलवे स्टेशन से यह मंदिर के काफी करीब लगभग 3 किलोमीटर है, जहाँ से ई-रिक्शा सीधे मिल जाते हैं, चौ0 चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी) से मंदिर की दूरी लगभग 18 किलोमीटर है, हवाई अड्डे से आप मेट्रो पकड़कर सीधे विश्वविद्यालय स्टेशन आ सकते हैं या सीधे कैब कर सकते हैं ।












