
ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंख्या का दबाव, कॉलोनाइजर उठा रहे लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंख्या का दबाव, कॉलोनाइजर उठा रहे लाभ
-गांवों में कॉलोनी बसाने का खेल, बढ़ती आबादी, घटती जमीन से कीमतों में जबरदस्त उछाल
मथुरा । अब गांव भी जनसंख्या वृद्धि का दबाव महसूस कर रहे हैं। गांवों की आबादी लगातार बढ़ रही है। जबकि जमीन कम हो रही है। अधिग्रहण, पीढी दर पीढी बंटवारा होते चले जाने से कृषक परिवारों के पास भी खेती की जमीन लगातार कम हो रही है, वहीं खेतिहर मजदूर कहे जाने वाले ऐसे लोग जिनके पूर्वजों के पास भी खेती की जमीन नहीं थी और उनके पास भी नहीं है अब गांव में भी उनके लिए आशियाना बनाना एक सपने जैसा होता जा रहा है।
जो गांव मुख्य सड़क मार्गों से जुडे हैं वहां सड़क किनारे के खेतों में कॉलोनी काटने का चलन चल निकला है, आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान से कॉलोनाइजर खेत खरीद कर उसे छोटे छोटे टुकड़ों में उन लोगों को बेच रहे हैं जिनके पास अब रहने लायक जगह भी नहीं बची है, किसानों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं रह गई है कि वह किसी भी आपदा का मजबूती से सामना कर सकें, ऐसे में थोड़ी सी बढ़ी हुई कीमत उन्हें ललचा जाती है और कॉलोनाइजर खेत खरीद लेते हैं।
वहीं दूसरी ओर नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों का फैलाव भी ग्रामीण क्षेत्र की ओर तेजी से हो रहा है, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने बुधवार को 15 हजार वर्ग मीटर में तैयार की जा रही अवैध कालोनी को ध्वस्त किया, इस तरह की कार्यवाही लगातार की जा रही है। खासकर मथुरा और वृंदावन का आउटर इलाका अवैध कालोनियों से अटा हुआ है। खादर भी इससे अछूता नहीं है। इस स्थिति पर मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी का रुख सख्त हो गया है। अवैध निर्माण पर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एस बी सिंह की नाराजगी को देखते हुए अभियंताओं की टीम कार्रवाई में जुट गई है। यह निर्माण डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर ग्राम तेहरा वृन्दावन में किया जा रहा था। निर्माण कर्ताओ द्वारा पांच पिलिंथ लेवल के निर्माण, सड़क बाउंड्री नाली तथा चार पक्के निर्माण भी कर लिए गए थे।