भगवद्गीता के श्लोकों से गुंजायमान होगा कंस किला
भगवद्गीता के श्लोकों से गुंजायमान होगा कंस किला
-संस्कृत भारती द्वारा आयोजित की जा रही है गीता जयंती
मथुरा। संस्कृत भारती मथुरा द्वारा मार्गशीर्ष शुक्ल मोक्षदा एकादशी की पूर्व संध्या पर दिनांक 30 नवंबर रविवार को प्रातः 11 बजे से केशव दुर्ग ( कंस किला ) पर वैदिक विधिविधान के साथ श्रीमद्भगवद्गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में संस्कृत भारती की बैठक सरस्वती शिशु मन्दिर दीनदयाल नगर में संपन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत भारती के अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने संस्कृत भारती के उद्दश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सबसे प्राचीन देववाणी संस्कृत भाषा का घर घर तक प्रचार प्रसार हो और जनसाधारण में संस्कृत भाषा के प्रति जागरूकता पैदा हो इसी उद्देश्य को लेकर संस्कृत भारती द्वारा समय-समय पर धार्मिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है युवाओं में संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए विद्यालयों में संस्कृत संभाषण शिविर, अभ्यास वर्ग आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
बैठक में प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने बताया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मथुरा महानगर के कार्यालय केशव दुर्ग (कंस किला) पर मोक्षदा एकादशी गीता जयंती की पूर्व संध्या पर वैदिक विधिविधान के साथ श्रीमद्भगवद्गीता जी का पूजन एवं गीता महायज्ञ और विद्वत गोष्ठी व विद्वत सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा, संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मंत्री धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल एवं न्यास सचिव गंगाधर अरोड़ा ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सर्वसम्मति से संस्कृत भारती के कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय आवा को कार्यक्रम संयोजक घोषित किया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्रीकांत शर्मा रहेंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी करेंगे तथा मुख्य वक्ता गीताव्रती कैलाश चन्द्र जी होंगे, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि संस्कृत भारती ब्रजप्रांत न्यास अध्यक्ष ओमप्रकाश जी बंसल रहेंगे तथा आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता पाठ एवं हवन पूजन किया जाएगा, बैठक का संचालन संस्कृत भारती मथुरा के मंत्री डॉ0 संजय शर्मा ने किया। संस्कृत भारती ब्रजप्रांत पदाधिकारी हरस्वरुप यादव द्वारा ध्येय मंत्र से बैठक का शुभारंभ तथा कल्याण मंत्र से समापन किया गया।







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