आज के युवा और भगत सिंह के विचार" पर विचार गोष्ठी सम्पन्न
आज के युवा और भगत सिंह के विचार" पर विचार गोष्ठी सम्पन्न
मथुरा । शहीद ए आज़म सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर जनवादी लेखक संघ, मथुरा इकाई ने “आज के युवा और भगत सिंह के विचार” विषय पर एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया, अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार टिकेन्द्र सिंह शाद ने की, गोष्ठी में वक्ताओं ने भगत सिंह के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का युवा यदि उनके वैचारिक साहस, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को आत्मसात करे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है ।
रवि प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि एक गहरे चिंतक और दूरदर्शी विचारक थे, जिनके लेख आज भी युवाओं को सोचने और सवाल उठाने की प्रेरणा देते हैं, कैलाश वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा, वर्तमान समय में बढ़ती उपभोक्तावादी संस्कृति के बीच भगत सिंह के समाजवादी विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, डॉ0 धर्मराज ने भगत सिंह के लेखन और उनके वैचारिक विकास की चर्चा करते हुए कहा कि वे निरंतर अध्ययनशील और वैचारिक रूप से सजग युवा थे, जो आज के युवाओं के लिए आदर्श हैं ।
प्रसून पांडेय ने कहा कि भगत सिंह का संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक समानता के पक्षधर थे तथा उन्होंने शहीदों के नाम कविता पाठ भी किया, अध्यक्षीय उद्बोधन में टिकेन्द्र सिंह शाद ने कहा कि भगत सिंह की शहादत हमें अन्याय और असमानता के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देती है, कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा वर्ग उनके विचारों को समझे और उन्हें अपने जीवन में उतारे। गोष्ठी में उपस्थित सभी साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लिया, गोष्ठी में शिवम शर्मा, पुनीत शर्मा, डॉ0 सुनील कुमार, धर्मदेव, डॉ0 अनिल दिनकर, डॉ0 देवेन्द्र गुलशन आदि उपस्थित रहे ।







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