
नगर निगम : डंपिंग यार्ड पर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, लगाए शोषण के आरोप
नगर निगम : डंपिंग यार्ड पर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, लगाए शोषण के आरोप
-नगला कोल्हू जमुनापार पर संचालित है नगर निगम का डम्पिंग यार्ड, नही है कोई भी सुरक्षा के इंतजामात
मथुरा । नगर निगम मथुरा वृंदावन लगातार सुर्खियों में रहता आया है, तमाम तरह के घोटाले नगर निगम में किए जाते रहे है और अभी भी हो रहे है, इसी क्रम में नगला कोलू पर संचालित नगर निगम का डंपिंग यार्ड में बड़े घोटाले को लेकर इस समय सुर्खियों में बना हुआ है, बुधवार को डंपिंग यार्ड में कार्यरत कर्मचारियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया ।
कर्मचारियों ने बताया कि हम लोग अधिकतर कर्मचारी वर्ष 2019-20 में डूडा के माध्यम से नगर निगम में लगे थे और डंपिंग यार्ड में कार्य कर रहे थे, ना तो कभी हमें सेफ्टी के लिए कुछ दिया गया और ना ही कभी हमारा मेडिकल कराया गया जबकि डंपिंग यार्ड पर तमाम तरह के कीटाणु और जहरीले गैस निकलती रहती है लेकिन किसी ने हम और हमारे स्वास्थ पर ध्यान नहीं दिया, ना कभी पीपीए किट, मास्क और न ही गीलप्स उपलब्ध कराए गए जिसके कारण हमारे शरीर के अंदर तमाम तरह की बीमारियां होने की आशंका बनी हुई है, सुविधाएं नही होने के बाद भी हमने पूरी निष्ठा के साथ नगर निगम में कार्य किया, मगर फिर भी इन मतलबी लोगों को हमारी कोई चिंता नहीं है।
कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में एक नई कम्पनी को टेंडर दिया गया है जिसमें डूडा कर्मचारियों को कम्पनी के अंतर्गत कार्य करने के लिए बोला जा रहा है और अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार के द्वारा कहा गया कि कम्पनी के अंतर्गत करना है तो करो नहीं तो नौकरी छोड़कर चले जाओ जबकि अपनी जान हथेली पर रख कर हम इस जहरीली जगह पर पिछले कई सालों से नौकरी कर रहे है लेकिन इन्हें हमारी और नहीं हमारे बच्चों की परवाह है, पिछले लगभग 2 महीने से हमारी सैलरी भी नहीं मिली है जिसके कारण हमारे बच्चे भूखे रहने के लिए मजबूर है।
वही उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि 2019-20 से लेकर आज तक यहां आग को लेकर कोई उपकरण मौजूद नहीं थे, जबसे ईमानदार व साफ छवि के नगर आयुक्त आए है तब से करीब 2 महीने से अब जाकर एक पाइप लाइन बिछाई गई है जबकि कई बार खत्ते में आग लग चुकी है और उसका पूरा आरोप हम गरीब मजदूरों पर डाल दिया जाता है जबकि किसी भी तरह के उपकरण नही होने के कारण तत्काल आग पर काबू नहीं पाया जाता, बताया कि पिछले करीब 2 सालों से सभी मशीनें खराब पड़ी हुई है जिसके कारण कूड़े का निस्तारण पिछले करीब 2 सालों से नहीं हो पा रहा है, परिणाम स्वरूप यहां कूड़े का पहाड़ बनता जा रहा है और आरोप कर्मचारियों के ऊपर डाल दिया जाता है ।
कर्मचारियों ने बताया कि कुछ समय पहले दयाचरण एंड कम्पनी को इसका टेंडर दिया गया था जोकि मात्र 20 से 25 परसेंट ही कूड़े का निस्तारण कर पाई थी।
जिसके कारण भी यहां कूड़े का ढेर बढ़ा गया, उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि जब कोई जांच आती तो हल्की फुल्की जुगाड लगाकर कर मशीनें चला दी जाती है और हमें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिए जाते है, जैसे ही जांच गई, सबकुछ वैसे ही पुरानी तरह से चलता रहता है,
खराब मशीनों का मेंटिनेंस सिर्फ कागजों में हो जाता है और धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ।
नगर निगम मथुरा वृन्दावन के कर्मचारियों ने बताया कि कई तरह की जहरीले गैस यहां से निकलती है जिनके कारण हमारे हाथ पैरों में जलन और खुजली जैसी बीमारियां बनी रहती है, उन्होंने मीडिया के माध्यम से नगर आयुक्त जग प्रवेश से अपील करते हुए कहा कि हमारे द्वारा दी जा रही प्राणों की आहुति को देखते हुए हमें नगर निगम के अधीन ही डंपिंग यार्ड में रखा जाए या फिर किसी वार्ड में सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी दे दी जाए जिससे कि हमारे बच्चों का भविष्य खराब नही हो, जब इस सम्बन्ध में अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार से बात की गई तो कैमरे के सामने ना आते हुए फोन के माध्यम से बताया कि किसी भी कर्मचारी को कम्पनी के अंडर नहीं दिया जाएगा, सभी नगर निगम में ही कार्यरत रहेंगे ।