
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : 50 लाख भक्तों के आने के आंकलन के साथ कीं तैयारियां
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : 50 लाख भक्तों के आने के आंकलन के साथ कीं तैयारियां
-कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने की अधिकारियों संग समीक्षा बैठक, दिये निर्देश
मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मोत्सव 2025 की तैयारियां शुरु हो गई हैँ, कैबिनेट मंत्री चौ0 लक्ष्मी नारायण की अध्यक्षता में इस तीन दिवसीय आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चार्ट तैयार किया गया। इस बार 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के मथुरा आगमन का आंकलन है, इस दौरान परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र भी मौजूद रहें। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए गन्ना विकास और चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ब्रज का सबसे प्रमुख उत्सव है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर दर्शन के लिए देशभर से लाखों भक्त मथुरा आते हैँ। वह ब्रज के सभी तीर्थों के दर्शन को भी जाते हैं। इसे ध्यान रखते हुए व्यवस्था और आयोजन किए जाएं। परम्पराओं का भी ध्यान रखा जाए, जिससे यहां आने वालों को एक सुखद धार्मिक अनुभूति हो सके, इस दरम्यान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने जन्माष्टमी के विभिन्न आयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार अधिकांश मंदिरों में 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी, 17 को नंदोत्सव रहेगा। इस दौरान ब्रज भर में आने वाले श्रद्धालुओं के समझ ब्रज संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने के लिए पांच स्थलों पर प्रमुख मंच, 20 छोटे मंच बनाए जाएंगे। इन मंचों पर कृष्ण लीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय कलाक़ारों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा प्रमुख मार्गों पर 23 ग्रुप में 238 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इन सभी कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्रमुखता दी गई है। यमुना स्थित विश्राम घाट पर दीपदान होगा। यहाँ 5100 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे ।
सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि ब्रज के प्रमुख मंदिरों पर पूर्व की भांति सजावट मंदिर प्रबंधन करेंगे। मथुरा वृंदावन के प्रमुख मार्गों की सजावट नगर निगम और तीर्थ विकास द्वारा की जाएगी। विभिन्न स्थानों पर प्रवेश द्वार बनाएंगे। 17 स्थानों पर सेल्फी पॉइंट बनेंगे।इस दौरान जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि यह आयोजन मथुरा ही नहीं सम्पूर्ण देश में भव्यता से मनाया जाता है। इसका खास झलक मथुरा में दिखाई देनी चाहिए। प्रमुख स्थल और मंदिरों के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े मार्गों पर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठनों को भी सजाया जाना चाहिए। इसके लिए व्यापारिजनों का सहयोग लें। मंदिर प्रबंधक सिर्फ मंदिर परिसर तक सीमित न रहें, मंदिर से 200 मीटर के दायरे में साफ सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने नगर निगम को स्ट्रीट लाइट सही कराने को कहा, जबकि विद्युत अधिकारियों से बिजली पोल पर प्लास्टिक टेपिंग, तार ठीक करने के निर्देश दिए। विभिन्न मार्गों पर कृष्ण लीला पेंटिंग कराने के भी निर्देश दिए, महापौर विनोद अग्रवाल ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नगर निगम की व्यवस्थाएं बताई। उन्होंने कैबिनेट मंत्री को जन्मस्थान के सभी रास्तों पर भव्य सजावट कराने का भी आश्वासन दिया। साथ ही सभी भंडारा स्थलों पर सफाई की पर्याप्त व्यवस्था का भी भरोसा दिया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के लिए पुलिस ने 8 जोन और 37 सेक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध किए हैँ, एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश और वृंदावन में होंगे, इसके लिए इन तीनों स्थलों पर अलग अलग सुरक्षा का प्लान बनाया गया है, इसमें श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े क्षेत्र को तीन जोन और 17 सेक्टरों में बाँटा गया है, द्वारिकाधीश मंदिर क्षेत्र को एक जोन और दो सेक्टर तथा वृंदावन को 4 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र में भीड़ का दबाव रात 11 बजे से 1.30 बजे तक रहता है जबकि वृंदावन में बिहारीजी मंदिर पर मंगला आरती पर यह स्थिति देखने को मिलेगी। यहाँ इस बार भी कोर्ट के आदेश पर 500 दर्शनार्थियों को रहने की अनुमति रहेगी। वृंदावन में ट्रेफिक प्लान एक दिन पहले प्रभावी हो जाएगा। ई रिक्शा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे ।