मथुरा में बेलगाम निजी स्कूलों पर नहीं लग पा रही लगाम
मथुरा में बेलगाम निजी स्कूलों पर नहीं लग पा रही लगाम
-परिषदीय स्कूलों से हो चुका मोह भंग, निजी स्कूल संचालक उठा रहे बेजां लाभ
मथुरा । जनपद में प्राइवेट स्कूल संचालक जिला प्रशासन के आदेशों को हवा में उड़ा रहे हैं, संचालकों द्वारा अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने को दबाव बनाया जा रहा है, निजी प्रकाशकों की किताबें कई गुना महंगी हैं, प्राइवेट स्कूलों के संचालकों की मनमानी से अभिभावकों की जेब पर डाका पड़ रहा है, जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि अभियान चलाकर ऐसे स्कूल संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
प्रशासन द्वारा संचालकों व प्रधानाचार्यों को कक्षा 8 तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराने के आदेश दिए हैं लेकिन जिले के अधिकांश स्कूलों में प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है, अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के प्रवेश के समय निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं, कई स्कूल संचालकों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए कहा गया है जिसके कारण अभिभावकों के जेब पर बेवजह का बोझ बढ़ गया है, पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ लग रही है और बहुत देर बाद कोर्स खरीदने के लिए नंबर आ रहा है ।
अभिभावक अतुल सारस्त ने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी से तंग आ गए हैं, समाज के डर से बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है, वर्ना उनसे अच्छी पढ़ाई सरकारी स्कूलों में है, वहां प्रशिक्षित टीचर हैं, सुमित गोस्वामी के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें लगाए जाने पर जोर है जबकि एनसीईआरटी की किताबें बहुत कम कीमत में उपलब्ध हैं, स्कूल संचालक अपनी मनमानी कर रहे हैं, हमजा ने बताया कि कोर्स लेने आए थे लेकिन किताबों की दुकानों पर बहुत भीड़ है, काफी देर से किताबों के खरीदने के इंतजार में खड़े हैं, स्कूल में जिन किताबों की लिस्ट दी गई है वही खरीदेंगे, दूसरी तरफ पुस्तक विक्रेताओं का कहना है कि निजी प्रकाशकों की किताबें 700 रुपये कीमत की हैं, स्कूलों द्वारा जिन किताबों को सजेस्ट किया जाता है वही किताबे बच्चों के अभिभावकों को दी जाती हैं ।







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