यमुना हादसे से नहीं लिया सबक, बेखौफ दौड़ रही हैं मोटर बोट
यमुना हादसे से नहीं लिया सबक, बेखौफ दौड़ रही हैं मोटर बोट
-मोटर बोट संचालकों को नही किसी का भी खौफ, जिम्मेदारान मूकदर्शक
मथुरा । वृंदावन के केसी घाट के पास केसी घाट क्षेत्र में यमुना नदी में मोटर बोट पलटने से 11 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत के बाद भी हालात नहीं बदले हैं, घटना के 24 घंटे बीतने के बाद भी मथुरा-वृंदावन और गोकुल में यमुना पर मोटर बोट बेधड़क दौड़ रही हैं, सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन नावों में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, यात्रियों को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, निर्धारित क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को बैठाकर नदी की सैर कराई जा रही है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नाव संचालकों पर न प्रशासन का भय है और न हालिया हादसे का असर दिखाई दे रहा है, स्थिति यह है कि हादसे के बाद भी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, वृंदावन, मथुरा व गोकुल में यमुना में चल रही कई कथित मोटर बोट असल में साधारण नावें हैं जिनमें जुगाड़ से इंजन लगाया गया है, इंजन लगने के कारण नाविक अधिक सवारियां बैठाने लगे हैं जबकि पारंपरिक नावों में संख्या सीमित रहती थी, तेज गति और ओवरलोडिंग के चलते जोखिम कई गुना बढ़ गया है ।
यह केवल सुरक्षा का ही नहीं बल्कि पर्यावरण का भी गंभीर मुद्दा बन चुका है, डीजल और पेट्रोल इंजन से निकलने वाला तेल और धुआं यमुना को प्रदूषित कर रहा है, इंजन के पंखों से जलजीव और मछलियों को भी नुकसान पहुंच रहा है। नाविक इन इंजन चालित नावों को नदी की मुख्य धारा में तेज गति से चलाते हैं जहां पानी गहरा होता है, ऐसे में हर पल यात्रियों की जान खतरे में बनी रहती है, अब आवश्यक है कि प्रशासन और नगर निगम बिना मानकों के संचालित नावों पर तत्काल रोक लगाए और सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके ।







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