कांग्रेस ने वृंदावन नौका हादसे पर महापौर से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस ने वृंदावन नौका हादसे पर महापौर से मांगा इस्तीफा
-तीर्थयात्रियों की मौत के जिम्मेदार है निगम प्रशासन-मुकेश धनगर
मथुरा । कांग्रेस ने गत दिनों हुई नौका दुर्घटना पर नगर निगम मेयर का इस्तीफा मांगा है, बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया, केशी घाट पर हुए भीषण नौका हादसे के लिए कांग्रेस ने नगर निगम मथुरा वृंदावन की जबावदेही तय करने और कार्यवाही किये जाने की मांग की है और कहा कि नैतिकता के आधार पर महापौर को इस्तीफा देना चाहिए, इस हादसे के लिए नगर निगम पूरी तरह से जिम्मेदार है ।
जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भूतेश्वर स्थित नगर निगम मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया, इस दौरान कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और महापौर से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की, धरना प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि वृंदावन हादसे में श्रद्धालुओं की अकाल मौत के लिए जितना जिम्मेदार जिला प्रशासन है, उससे कहीं अधिक जवाबदेही नगर निगम प्रशासन की है ।
उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अपने ही बनाए नियमों को लागू करने में विफल रहा जिसके कारण यह हृदयविदारक घटना हुई, धनगर ने कहा कि यमुना सफाई के नाम पर करोड़ों का बंदरबांट हो रहा है और गंदे नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं, स्थानीय पार्षद द्वारा सिल्ट को पुनः यमुना में डालते हुए रंगे हाथों पकड़ना निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है, कार्यक्रम का संचालन विपुल पाठक ने किया, आदित्य तिवारी, ललिता देवी, गीता दिवाकर, रूपा लवानिया, जिलानी कादरी, शैलेंद्र चौधरी, अश्विनी शुक्ला, प्रवीण ठाकुर, करन निषाद, बालवीर प्रधान, शाहिद कुरैशी, संजय पचौरी, गौरी शंकर यादव सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
वहीं प्रदर्शन के दौरान कान्हा माखन के डायरेक्टर द्वारा नगर निगम की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा, कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह को ज्ञापन सौंपा, अपर नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर इस प्रकरण में जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि और महामंत्री वैद्य मनोज गौड़ ने कहा कि यमुना की बदहाली और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की नगर निगम को कोई चिंता नहीं है, उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके इशारे पर नियमों को ताक पर रखकर यमुना में अनगिनत स्टीमर चलाए जा रहे हैं, 15 तीर्थ यात्रियों की मौत की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महापौर को तुरंत पद छोड़ देना चाहिए ।







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