कथावाचक व वृंदावन पुलिस पर आरोप, केस दर्ज, जांच शुरू
कथावाचक व वृंदावन पुलिस पर आरोप, केस दर्ज, जांच शुरू
-महिलाओं और बच्चों को रातभर थाने में रखने का आरोप, मानवाधिकार व बाल आयोग में केस दर्ज
मथुरा । कथावाचक मृदुल कांत शास्त्री और वृंदावन पुलिस एक कार दुर्घटना विवाद में बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं, आरोप है कि पुलिस ने शास्त्री के प्रभाव में आकर दिल्ली के श्रद्धालुओं की महिलाओं और बच्चों को रातभर थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा, इस गंभीर मामले में मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय बाल आयोग ने जांच शुरू कर दी है, आगरा के अधिवक्ता नरेश पारस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय बाल आयोग ने केस रजिस्टर्ड करके जांच शुरू कर दी गई है ।
आगरा के ड्रीम हाउस नगला अजीता निवासी एडवोकेट नरेश पारस ने बताया कि 11 अप्रैल को दिल्ली से आए श्रद्धालुओं की कार और आचार्य मृदुलकांत शास्त्री के वाहन के बीच दुर्घटना हुई थी, इसके बाद विवाद बढ़ गया, दोनों पक्षों में कहासुनी व मारपीट हुई, आरोप है कि शास्त्री पक्ष के लोगों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में पुलिस ने महिलाओं व दो मासूम बच्चों को रात ढाई बजे थाने ले जाकर पूरी रात वहीं रखा, अगले दिन दोपहर बाद उन्हें छोड़ा गया ।
शिकायत में कहा गया है कि महिलाओं और बच्चों को थाने में रातभर रखना उनके मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, अधिवक्ता ने पूरे प्रकरण की सीबीसीआईडी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, घटना स्थल व संबंधित थाने की सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उन्होंने बताया, इस संबंध में मानवाधिकार व राष्ट्रीय बाल आयोग में प्रार्थना पत्र दिया है, आयोग ने दोनों मामलों को रजिस्टर्ड करके जांच शुरू कर दी है, गौरतलब हो कि इससे पहले मथुरा में कोर्ट ने भी कथावाचक द्वारा की गई शिकायत में तथ्यों को स्वीकार नहीं किया था ।







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