कार्यशाला में दिखा कला, संस्कृति और सृजनात्मकता का संगम
कार्यशाला में दिखा कला, संस्कृति और सृजनात्मकता का संगम
मथुरा । राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग एवं किशोरी रमण महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला के समापन पर कला, संस्कृति और सृजनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला ।
समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रोफेसर सुनील विश्वकर्मा, प्राचार्या प्रोफेसर पल्लवी सिंह एवं संयोजिका डॉ0 रश्मि शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया, डॉ0 विश्वकर्मा ने कहा कि कला एक कलाकार की आत्मा होती है, भारतीय लोक कला में सांस्कृतिक चेतना की जीवंत पहचान है, प्राचार्या प्रो0 पल्लवी सिंह ने कहा कि मथुरा की कला अपनी विशिष्ट पहचान के कारण विश्व भर में प्रसिद्ध है ।
इस दौरान प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गये, प्रशिक्षक कमलेश्वर शर्मा , अनिकेत दास को सम्मानित किया गया, मंच संचालन डॉ0 रश्मि शर्मा और राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य अनिल सोनी ने किया, आयोजन में डॉ0 उमा शर्मा, डॉ0 दुर्जन सिंह राणा जैसे कलाकार उपस्थित रहे, महाविद्यालय की प्रोफेसर कविता कन्नौजिया, डॉ0 आम्रपाली, रूमी जायसवाल, आकांक्षा सारस्वत, डॉ0 रीना दुबे एवं समस्त प्रवक्ताओं का विशेष सहयोग रहा ।







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