गुजराती भक्त के घर से 2.9 करोड़ की चोरी, शत प्रतिशत बरामदगी
गुजराती भक्त के घर से 2.9 करोड़ की चोरी, शत प्रतिशत बरामदगी
-मथुरा पुलिस ने चार शातिर बदमाशों को किया गिरफ्तार, पीड़ित को मिली राहत
मथुरा । पुलिस ने सुनरख में दो करोड़ नब्बे लाख दस हजार रुपये चोरी करने वाले चार चोरों को चुराई गई संपत्ति में से दो करोड़ साठ लाख बारह हजार जिसमें 2 करोड़ रुपये नगद तथा शेष 60,12,000 रुपयों से खरीदी गई संपत्ति एक कार, सोने व चांदी के आभूषण, ब्रांडेड घडियां कपड़े व जूते, चार मोबाईल फोन एप्पल, सैमसंग व वीवो कंपनी, ब्रांडेड जिम व स्विमिंग किट एवं सप्लीमेंट तथा घटना में प्रयुक्त की जाने वाली एक टाटा पंच कार सहित किया गया गिरफ्तार किया।
थाना जैंत पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को रात के करीब ढाई बजे सुनरख रोड से एनएच 19 की ओर जाने वाले मार्ग से राजन पुत्र लक्ष्मण निवासी पल्ला नंवासी शिव कालोनी थाना पल्ला जिला फरीदाबाद, आलोक पुत्र त्रिपुरारी निवासी अजाद चौक कप्तान गंज थाना कप्तान गंज जिला कुशीनगर उत्तर प्रदेश, प्रेम सागर पुत्र ओमप्रकाश निवासी शहजादनन्द सोसाइटी गोड़ादरा नहर थाना गोड़ादरा जिला सूरत गुजरात, हीरेन पुत्र हसमुख भाई निवासी रामदेव नगर सोसाइटी शान्ति निकेन्तन स्कूल के पास थाना रांदेर जिला सूरत गुजरात को गिरफ्तार किया है जिनके विरुद्ध थाना जैंत पर धारा 305, 331(3), 317(2), 3(5) बीएनएस में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
गुजरात के गांधीनगर निवासी राकेश प्रजापति पुत्र मानव प्रजापति करीब चार माह से प्रेमानन्द महाराज के आश्रम में दीक्षारत हैं जो वृन्दावन स्थित उनके आश्रम में रहकर भक्ति करने लगे, उनके पिता राकेश प्रजापति भी धार्मिक भावना में थे, करीब 18 वर्ष पूर्व पत्नी का देहांत होने के पश्चात गुजरात में अकेले रहते थे, पुत्र के वृन्दावन आने पर उन्होंने भी अपना सबकुछ गुजरात से बेचकर वृन्दावन में ही कुटिया बनाकर प्रभु भक्ति करने तथा अपने मकान, दुकान, समस्त वाहन, घर का सारा सामान आदि बेचकर वृन्दावन के पास सुनरख में एक फ्लैट एवं एक मोटरसाइकिल एवं एक स्कूटर खरीदकर यहीं पर निवास करने लगे ।
इस फ्लैट के समीप कथित तौर पर किराये पर गेस्ट हाउस चलाने वाले आलोक व राजन से राकेश प्रजापति का संपर्क हुआ, बाबा की समस्त जमा पूंजी की जानकारी व बाबा के घर पर अभियुक्तों का आना जाना हो गया जिसके पश्चात अपने अन्य साथी हीरेन व प्रेम सागर निवासीगण सूरत के साथ मिलकर बाबा के रुपये चुराने की योजना बनाई और मौका देखकर आलोक बाबा को एक कुटिया के निर्माण के लिए प्लाट दिखाने तहसील मांट क्षेत्र में ले गया तथा इसके अन्य तीन साथियों ने एक टाटा पंच कार में सवार होकर ताला व दरवाजा तोडकर समय करीब दोपहर 3 से 4 बजे के बीच अलमारी व दीवान बेड में रखे हुए दो करोड नब्बे लाख दस हजार रुपये नगद चोरी कर लिए ।
जब बाबा को शक हुआ तो इन लोगों ने आलोक को छुपा दिया और बाबा को डरा दिया कि बाबा तुमने आलोक का अपहरण कर लिया है तुम अब जेल चले जाओगे, धमकी दी कि कहीं भी जाकर अगर शिकायत की तो तुम्हें व तुम्हारे पुत्र को जान से मार देंगे, बाबा ने कुछ दिनों बाद थाना जैत पुलिस को सूचना दी कि मेरे घर में चोरी हो गई है जिसमें मेरे जीवन भर की कमाई चली गई है, बाबा घटना के बाद गांधीनगर चले गए जहां उनका स्वास्थ्य काफी बिगड गया, घटना के संबंध में थाना जैत पर तत्काल अभियोग पंजीकृत किया गया, घटना के अनावरण, बरामदगी के लिए विभिन्न टीमें गठित की गईं, कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष सोनू कुमार थाना जैंत,
एसआई विकास शर्मा प्रभारी सर्विलांस सैल, वरिष्ठ उप निरीक्षक सुधीर राठी, उप निरीक्षक केशव वशिष्ठ, उप निरीक्षक निशान्त पायल, उप निरीक्षक अंकित कुमार, उप निरीक्षक अंकुश चौधरी, उप निरीक्षक उत्तम भडाना, उप निरीक्षक मनोज भाटी, उप निरीक्षक संदीप कुमार थाना जैंत आदि शामिल थे ।







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