मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में मनाया गया भव्य रथयात्रा महोत्सव
मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में मनाया गया भव्य रथयात्रा महोत्सव
-रथ में विराजमान होकर ठाकुर राजाधिराज ने किया मंदिर प्रांगण में भ्रमण
मथुरा । पुष्टिमार्ग संप्रदाय के प्रसिद्ध मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया, मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ0 वागीश कुमार महाराज तृतीय पीठाधीश्वर की आज्ञा और गरिमामयी उपस्थिति में ठाकुर द्वारकाधीश महाराज ने रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए ।
महोत्सव के दौरान ठाकुर जी के दर्शनों के लिए विशेष समय सारणी रही, प्रातः काल मंगला और श्रृंगार के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोले गए, रथयात्रा के विशेष दर्शनों की पहली झांकी सुबह 10 बजे खुली, इसके बाद दूसरी, तीसरी और चौथी झांकी दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक खुली रही, दोपहर की सेवा प्रणालियों के बाद, सायंकाल 4:30 बजे से 5 बजे तक शयन के विशेष दर्शन हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ कमाया, इस महोत्सव का सीधा संबंध जगन्नाथ पुरी से है ।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन भगवान श्री कृष्ण, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा जी के साथ जगन्नाथ पुरी में नगर भ्रमण पर निकलते हैं, इस रथयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भगवान का यह रथ पूरी तरह शुद्ध लकड़ी से निर्मित होता है। मान्यता के अनुसार, इस विशाल रथ के निर्माण में लोहे की एक भी कील का उपयोग नहीं किया जाता; पूरा रथ केवल लकड़ी के जोड़ों से तैयार होता है, सनातन परंपरा में यह अटूट विश्वास है कि जगन्नाथ के भात को जगत पसारे हाथ, अर्थात भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद हर किसी के लिए वंदनीय और कल्याणकारी है, मान्यता है और ठाकुर जगन्नाथ जी का चावल का ही भोग लगता है आज के दिन और यहां पुष्टिमार्ग संप्रदाय में ठाकुर जी का आम जामुन घोड़े के लिए चने की दाल का प्रसाद लगता है ।







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