अब रेडियो पर नही होगा ब्रज भाषा में किसान वाणी का प्रसारण
अब रेडियो पर नही होगा ब्रज भाषा में किसान वाणी का प्रसारण
-आकाशवाणी महानिदेशालय ने एक अगस्त से नई नीति का भेजा उपग्रह संदेश
मथुरा । लगातार गिर रही रेडियो की श्रोता संख्या को प्रसार भारती के नये आदेश से और बट्टा लगाना तय है, अब स्थानीय शैली-बोली में प्रसारित होने वाला खेती किसानी का मुख्य कार्यक्रम किसान वाणी ब्रज भाषा की बजाय लखनवी अंदाज में खड़ी बोली में प्रसारित होगा, महीने में अधिकतम 6 ड्यूटी पाने वाले कैजुअल कंपेयरों की ड्यूटी तो आधी रह गई हैं, इधर वेटरनरी विश्वविद्यालय, केन्द्रीय बकरी व सरसों संस्थान आदि के विशेषज्ञों के अनुसंधान का लाभ भी किसान नहीं उठा पाएंगे ।
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आकाशवाणी महानिदेशालय ने नई व्यवस्था लागू करने को उपग्रह संदेश भेज दिया है और उसी के अनुरूप स्थानीय केन्द्र पर ड्यूटी चार्ट भी तैयार हो चुका है, अब से लोकल डायलेक्ट एवं विभिन्न क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप कृषि कार्यक्रम निर्माण के कोई मायने नहीं रह जाएंगे, चंद केन्द्रों पर तैयार प्रोग्राम ही देश के 203 प्राइमरी चैनल, लोकल रेडियो स्टेशन के अलावा 42 विविध भारती केन्द्र तथा 4 मैट्रो रेडियो स्टेशन से प्रसारित होंगे, इस आदेश का अनुपालन एक अगस्त से करने के लिए आकाशवाणी महानिदेशालय ने देशभर के आकाशवाणी केन्द्रों को इस आशय का उपग्रह संदेश पूर्व में ही भेज दिया है ।
आकाशवाणी के मथुरा केन्द्र से शनिवार, मंगलवार एवं गुरुवार को प्रसारित होने वाला किसान वाणी कार्यक्रम अब लखनऊ केन्द्र पर तैयार होगा और वह यहां से प्रसारित किया जाएगा, कैजुअल कंपेयर दिलीप कुमार यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के लिए भले ही रेडियो को चुना लेकिन नीति नियंताओं ने सुदूर देहात में आज भी सूचनाओं के पहुंचने के माध्यम रेडियो की शाख को और बट्टा लगा दिया है, कृषि विविधता वाले देश में हर राज्य व हर जिले में कई क्लाइमेटिक जोन हैं, कहीं पानी बिल्कुल नहीं तो कहीं जल प्लावन क्षेत्र हैं। हर परिस्थिति के लिए अलग फसलें हैं, किसानों को स्थानीय बोली में चीजें आसानी से समझ आती हैं लेकिन आकाशवाणी महानिदेशालय के नये फरमान से सब गुड़ गोबर होना तय है, उत्तर प्रदेश के 13 केन्द्रों का किसान वाणी प्रोग्राम लखनऊ, बरेली और बनारस केन्द्रों पर तैयार होगा, इसी तरह उत्तराखंड के चार केंद्रों के लिए प्रोडक्शन केवल देहरादून केंद्र पर होगा ।







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