लंपी का प्रकोप : मथुरा में पशु पैंठ व मेलाओं पर लगाई रोक
लंपी का प्रकोप : मथुरा में पशु पैंठ व मेलाओं पर लगाई रोक
मथुरा । जनपद में लंपी रोग का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। यह प्रदेश के अन्य कई जनपदों में भी तेजी से फैल रहा है। मथुरा में पशु पैंठ और पशु मेला पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इससे पशु पैंठ और मेला लगाने वालों के सामने एक बार फिर संकट खडा हो गया है। विगत कुछ वर्षों में लंपी रोग बरसात के मौसम में फैलता रहा रहा है। यह एक संक्रामक रोग है, इस लिए इसके फैलने की गति तीव्र होती है।
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संक्रमित पशु को आइसोलेट किया जाना भी जरूरी हो जाता है। यह रोग एक पशु से दूसरे पशु में तेजी से फैलता है ऐसे में पशु पैंठ और मेलाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्कता बरतता है, वर्तमान समय में जनपद में लंपी रोग से ग्रसित पशुओं की संख्या तीन दर्जन से अधिक है जबकि अब तक 100 से अधिक पशु संक्रमित पाए गये हैं, बीमार गोवंशों की संख्या बढ़ने के कारण इस आइसोलेशन सेंटर किसी दूसरे स्थान पर बनाए जाने की योजना है, जिसके लिए गोसेवक मदद जुटा रहे हैं।
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लंपी त्वचा रोग एक वायरल डिजीज है, पिछले 15 दिन से लंपी स्किन डिजीज के केस मिल रहे हैं, संक्रामक बीमारी है, हमने 20 जून को ही लंपी डिजीज का टीका मगंवा लिया था, 1.5 लाख टीके लगाये जा चुके हैं, 24 टीमें टीकाकरण कर रही हैं, जहां भी हमें सूचना मिलती है हमारी टीम पहुंचती हैं। संक्रमित पशुओं को आइसोलेट किया जा रहा है, सीवीओ डी एन शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में 38 सक्रिय केस हैं, 100 से अधिक केस सामने आ चुके हैं, जिलाधिकारी द्वारा सभी उपजिलाधिकारियों को पशु मेलों को लेकर आदेश निर्गत किये जा चुके हैं, अगर कहीं पशु मेला अथवा पशु पैंठ लगने की सूचना मिलती है तो पुलिस कार्यवाही की जाएगी।
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