CAT ने ठहराया Officer Rest House के शुल्क की वसूली को सही
CAT ने ठहराया Officer Rest House के शुल्क की वसूली को सही
प्रयागराज । केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), इलाहाबाद बेंच ने रेलवे के एक अधिकारी से Officer Rest House (ORH) में निर्धारित अवधि से अधिक ठहरने के एवज में की गई शुल्क वसूली को वैध ठहराते हुए उनकी Original Application खारिज कर दी, O.A. No. 330/00277/2023, Devendra Kumar बनाम Union of India एवं अन्य में न्यायमूर्ति ओम प्रकाश VII, सदस्य (न्यायिक) ने एक अक्टूबर को आदेश पारित किया।
इस मामले में आवेदक ने मई 2022 में NCR मुख्यालय, प्रयागराज में कार्यभार ग्रहण करने के बाद सरकारी आवास के लिए आवेदन किया था, इस बीच उन्हें Officer Rest House में अस्थायी आवास उपलब्ध कराया गया, बाद में रेलवे द्वारा उन्हें Type-IV तथा तत्पश्चात Type-V आवास भी उपलब्ध कराया गया, लेकिन उन्होंने आवास स्वीकार करने से इनकार/बाद में उसे छोड़ दिया। इसके बाद ORH में रहने के शुल्क की वसूली का आदेश पारित किया गया।.png)
आवेदक की ओर से तर्क दिया गया कि उन्हें उनकी पात्रता के अनुरूप आवास उपलब्ध नहीं कराया गया और इस अवधि में HRA भी नहीं दिया गया इसलिए ORH के penal charges की वसूली उचित नहीं थी, वहीं दूसरी ओर रेलवे की ओर से बताया गया कि 13 सितंबर 2019 के लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि अधिकारी को नियमित/ट्रांजिट आवास उपलब्ध कराया जाता है और वह उसे स्वीकार नहीं करता, तो निर्धारित शुल्क की वसूली की जा सकती है।
Tribunal ने माना कि रेलवे के 13 सितम्बर 2019 के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से ऐसे मामलों में शुल्क वसूली का प्रावधान करते हैं, जहां अधिकारी को नियमित/ट्रांजिट आवास की पेशकश की गई हो लेकिन उसने उसे स्वीकार न किया हो। Tribunal ने यह भी पाया कि Type-V आवास के पात्र अधिकारियों को अस्थायी रूप से Type-IV आवास दिए जाने का प्रावधान स्वयं रेलवे के निर्देशों में मौजूद था, Tribunal ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में जारी Railway Board की 16 नवंबर 2023 की संशोधित नीति इस मामले पर लागू नहीं होगी क्योंकि उसमें स्वयं इसे prospective effect से लागू किया गया था, जबकि संबंधित विवाद वर्ष 2022-23 का है।
अधिकरण ने कहा कि यह वसूली किसी disciplinary penalty के रूप में नहीं बल्कि लागू प्रशासनिक निर्देशों के तहत Officer Rest House के उपयोग के निर्धारित शुल्क के रूप में की गई थी। आवेदक को नियमित आवास दो अवसरों पर उपलब्ध कराया गया था और उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया, CAT इलाहाबाद ने 2 मार्च 2023 के recovery order में कोई अवैधानिकता या प्रक्रियात्मक त्रुटि नही पाते हुए Original Application को खारिज कर दिया, लागत के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया गया, रेलवे की ओर से उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता द्वारा समस्त साक्ष्यों सहित तर्क प्रस्तुत किये गए ।















