श्रीकृष्ण प्रेम और महारास की मनोहारी प्रस्तुति ने मोहा मन

श्रीकृष्ण प्रेम और महारास की मनोहारी प्रस्तुति ने मोहा मन
   वृंदावन । शरद पूर्णिमा पर गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के प्रशिक्षु बालक-बालिकाओं ने श्रीकृष्ण के प्रेम नामक  महारास  किया, महारास की परंपरा को जीवंत करते हुए बच्चों ने महारास के साथ मयूर नृत्य और डांडिया नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, स्वामी हरिदास आडिटोरियम में प्रशिक्षुओं ने ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महारास की परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया ।
   श्रीकृष्ण की भूमिका में पूनम कुमारी और अजय ने अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया जबकि राधा की भूमिका में तमन्ना व तान्या ने नृत्य और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुति को आकर्षक बनाया, राधा-कृष्ण के प्रेम, भक्ति और रसमय लीलाओं पर आधारित इस मंचन में प्रशिक्षु बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, महारास के उपरांत मयूर नृत्य और डांडिया नृत्य की भव्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा, संगीत पक्ष में आकाश शर्मा ने हारमोनियम, मनमोहन कौशिक ने सारंगी तथा सुनील पाठक और केशव पाठक ने तबले पर संगत की, मानसी राजपूत ने नृत्य संयोजन एवं कोरियोग्राफी की जिम्मेदारी निभाई जबकि ऋतु सिंह ने मंचन के सम्पूर्ण निर्देशन और श्रृंगार व्यवस्था का दायित्व संभाला ।
   मुख्य अतिथि नगर निगम के उप नेता मुकेश सारस्वत, धर्माचार्य गौरांग दास, साहित्यकार अजीब अंजुम, अंजना अंजुम, श्रीमती संतोष निशा रावत, बांसुरी संस्था के संस्थापक विनय गोस्वामी, गीता मर्मज्ञ महेश चंद शर्मा, भाजपा नेत्री पूजा चौधरी, सोनम चौधरी सहित विशिष्ट गणमान्य उपस्थित रहे, संगीत प्रशिक्षकों को अतिथियों द्वारा उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया, अकादमी के कोऑर्डिनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने  संचालन किया, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तकनीकी विशेषज्ञ आर0 पी0 सिंह, सहायक अभियंता दूधनाथ यादव, ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ0 उमेश चंद्र शर्मा, दीपक शर्मा, रामवीर आदि मौजूद रहे ।

 

Advertisement
Advertisement
About Loktantra

भारत दुनियाभर का एक मात्र ऐसा लोकतांत्रिक देश है जो जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर एक अहम स्थान रखता है हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था भी बेमिसाल है यहां ग्राम ,मोहल्ला स्तर से लेकर जनपद, प्रदेश व देश स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित है। राज्य व केंद्रीय शासन द्वारा देश के प्रत्येक जनता की समस्याओं का ध्यान रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाएं क्रियान्वित की जाती हैं |लोकतंत्र का आगाज उसी लोकतंत्रिक व्यवस्था की कड़ी के रूप में प्रत्येक नागरिक की आवाज का आगाज करते हुए समाचार प्रसारित कर शासन प्रशासन तक समस्याओं को प्रदर्शित कर व शासन-प्रशासन की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में सजग है।

Total Users: 2081109
Get In Touch

Office : faujadar market, opp. Patiram mandir, sonkh road, krishna nagar, mathura-281004

7417674275

[email protected]

Copyright ©2026 InzealInfotech. All rights reserved.