खुलासा : मथुरा में बन रहे थे बोर्ड, विश्वविद्यालयों की ’फर्जी डिग्री’ प्रमाण पत्र

खुलासा : मथुरा में बन रहे थे बोर्ड, विश्वविद्यालयों की ’फर्जी डिग्री’ प्रमाण पत्र
-वसूली जाती थी मोटी रकम, फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश
    मथुरा । फर्जीवाड़े का जिन्न एक बार फिर बोतल निकल आया है, थाना कोतवाली पुलिस ने विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक बोर्ड की फर्जी मार्कशीट, टीसी अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के सरगरा सहित पांच जालसाजों को फर्जी मार्कशीट, टीसी अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र एवं प्रयुक्त इलैक्ट्रानिक उपकरण सहित गिरफ्तार किया है, विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक बोर्ड की फर्जी मार्केशीट, टीसी अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के पांच अभियुक्तों को दबोचकर बड़ा सनसनीखेज खुलासा किया है ।
   पुलिस के मुताबिक मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगेराम पुत्र रामकिशन निवासी पुराना किला थाना हुसैनगंज जिला लखनऊ, मुकेश पुत्र देवी सिंह निवासी ग्राम चुरमुरा थाना फरह, सुरेश चन्द्र पुत्र बिजेन्द्र सिंह निवासी बसई थाना शेरगढ़, ऋषि पुत्र हरिओम निवासी ग्राम दलौता थाना शेरगढ़, रामप्रकाश गौतम पुत्र सत्यप्रकाश गौतम निवासी पुष्प बिहार कालोनी थाना गोविन्दनगर जिला मथुरा को बजरंग धर्मकांटा के पास बने मकान से समय करीब 21.30 बजे गिरफ्तार किया गया, वहीं मौके से एक अन्य साथी विक्रम सिंह पुत्र नवल सिंह निवासी बसई थाना शेरगढ़ जिला मथुरा भागने में सफल रहा, गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगणों से शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाने में प्रयुक्त उपकरण व कई फर्जी मार्कशीट व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र बरामद हुये। अभियुक्तों के विरूद्ध बरामदगी के आधार पर धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी है ।
   पुलिस ने बताया कि युवाओं की तलाश कर संपर्क स्थापित करके सम्बन्धित विश्वविद्यालयों, शिक्षा बोर्डों से अलग अलग रेट तय कर वार्षिक दर से फर्जी शिक्षा प्रमाण पत्र, अंकतालिका, टीसी तैयार करते थे, फर्जी तरीके से उनको शैक्षिक अंकपत्र, टीसी अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रदान कर मोटी रकम वसूलने का कार्य करते थे जिनके अन्तर्गत कुछ विश्वविद्यालय, बोर्ड भी संलिप्त होते थे, उनके विरूद्ध भी कार्यवाही अलग से प्रचलित है, इस कार्य के लिए प्रत्येक युवा से एक फर्जी मार्कशीट, अंकपत्र के लिए के लिए 5000 से 45000 तक की रकम बसूलते थे जिसका आधा हिस्सा ये लोग यूनिवर्सिटी को भी देते थे।

लखनऊ के बाद मथुरा को बनाया गया ठिकाना
अभियुक्त मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगेराम पुत्र रामकिशन निवासी पुराना किला थाना हुसैनगंज जिला लखनऊ उम्र करीब 60 वर्ष गिरोह का मुख्य सरगना है, कोतवाली पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली की मथुरा शहर में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का एक सदस्य गोवर्धन चौराहे पर किसी ग्राहक की तलाश में खड़ा है। इस सूचना पर कोतवाली पुलिस द्वारा गोवर्धन चौराहे से अभियुक्त मुकेश पुत्र देवीराम निवासी ग्राम चुरमुरा थाना फरह जिला मथुरा को गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से दो फर्जी मार्कशीट व एक मोबाइल बरामद हुआ ।

किराये के मकान में लगा रखा था पूरा सैटअप
गिरफ्तारशुदा अभियुक्त मुकेश से कड़ाई से पूछताछ की गई तो बताया कि हमारा एक फर्जी मार्कशीट बनाने का गिरोह है। हम लोगों ने बजरंग धर्मकांटा के पास एक निजी मकान किराये पर ले रखा है। जिसमें पूरा फर्जी मार्कशीट बनाने का सेटअप लगा रखा है तत्पश्चात कोतवाली पुलिस द्वारा बजरंग धर्मकांटा के पास बने मकान में से अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगेराम गैंग का सरगना है जिसके द्वारा अलग अलग राज्यों के शिक्षा बोर्डों व विश्वविद्यालयों के नाम से फर्जी मार्कशीट व टीसी. व अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र कंप्यूटर पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से बनाने का कार्य किया व कराया जाता है और इससे मोटी रकम वसूली जाती है। मनीष कुछ दिन पूर्व अपने साथियों के साथ लखनऊ में कर रहा था लेकिन पुलिस द्वारा साथियों को पकड़ लिया गया था।

   थाना कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शैक्षिक प्रमाण पत्र से सम्बन्धित कूटरचित व जाली अंक तालिका कुल 17 वर्क, फर्जी टीसी  शैक्षिक दस्तावेज कुल 13 वर्क, एक पेपर कटिंग मशीन, एक लैपटाप, एक प्रिंटर मशीन, 15 नोटबुक रजिस्टर जिन पर भिन्न भिन्न बोर्ड व कोर्स के नाम मय विद्यार्थियों के नाम व रोल नम्बर के साथ अंकित हैं। नौ पीले लिफाफे बड़े आदि बडी मात्रा में सामान बरादम किया है। मनीष प्रताप सिंह के विरूद्ध करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

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