कोषागार घोटाला : शासन के निर्देश पर अपर निदेशक पेंशन पहुंचे मथुरा
कोषागार घोटाला : शासन के निर्देश पर अपर निदेशक पेंशन पहुंचे मथुरा
-करीबन 2 करोड़ से अधिक के घोटाले की है सम्भावना, सहायक लेखाकार फरार
मथुरा । जिला कोषागार में करीब 2 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है, घोटाले की भनक लगते ही आरोपी सहायक लेखाकार एक सप्ताह से लापता है जिसकी तलाश में पुलिस और प्रशासनिक टीमें जुटी हुई हैं, इस बीच प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की गति तेज कर दी है, शुरुआती जांच में सामने आया है कि सरकारी धन के हस्तांतरण में नियमों की भारी अनदेखी की गई ।
कोषाधिकारी अतुल पांडेय ने कुछ खातों के मिलान में बड़ा अंतर पाए जाने पर जांच शुरू की थी, अंदेशा है कि करोड़ों रुपये की धनराशि को पेंशन और अन्य मदों के नाम पर फर्जी तरीके से ट्रांसफर किया गया है, सोमवार तक जांच पूरी होने की संभावना है जिसके बाद गबन की सटीक राशि स्पष्ट हो सकेगी, घोटाले की जांच के सिलसिले में अपर निदेशक (एडी) पेंशन, आगरा महिमा चंद्र ने कोषागार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने वित्तीय हेराफेरी से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख और कंप्यूटर डेटा को अपने कब्जे में ले लिया है, जांच के दौरान अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गबन में सहायक लेखाकार के साथ और कौन-कौन शामिल था ।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी सहायक लेखाकार काफी समय से निगरानी में था, जैसे ही उसे जांच की भनक लगी, वह अपना मोबाइल बंद कर लापता हो गया, विभागीय गलियारों में चर्चा है कि यदि जांच का दायरा बढ़ता है तो कुछ और बड़े नाम भी इस घोटाले की जद में आ सकते हैं, फिलहाल अधिकारी आरोपी की तलाश के साथ-साथ फाइलों की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं, कोषाधिकारी अतुल पाण्डेय ने बताया कि कोषागार में ऑडिट के दौरान कुछ पेंशन खातों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं, प्रथमदृष्टया सामने आया है कि मृतक पेंशनरों के खातों से अवैध रूप से धनराशि निकाली गई है, इस मामले में सहायक लेखाकार अभिषेक श्रीवास्तव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जो फिलहाल कार्यालय से अनुपस्थित हैं, हमने पूरे मामले की जानकारी निदेशक कोषागार, लखनऊ को भेज दी है, शासन के निर्देश पर एडी पेंशन आगरा को जांच अधिकारी नामित किया गया है ।







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