
गंगा दशहरा : जिला प्रशासन ने कीं सभी तैयारियां, दिये निर्देश
गंगा दशहरा : जिला प्रशासन ने कीं सभी तैयारियां, दिये निर्देश
-डीएम, एसएसपी व नगर आयुक्त ने की समकक्षों के साथ तैयारियों की समीक्षा
मथुरा। गंगा दशहरा पांच जून को मनाया जाएगा। नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। यमुना में विश्राम घाट सहित दूसरे घाटों पर बडी संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। वृंदावन, गोकुल आदि के घाटों पर भी स्नान पर्व होगा। इस अवसर पर हजारों की संख्या में दूरदराज से ट्रेक्टर ट्रालियों में भर कर लोग आते हैं। जिला प्रशासन ने स्नान पर्व को लेकर बडे पैमाने पर तैयारी की है।
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने गंगा दशहरा पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मंदिरों और घाटों के आसपास सफाई गोताखोरों की तैनाती सीसीटीवी निगरानी चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की नगर निगम को घाटों पर सफाई बैरीकेटिंग कंट्रोल रूम चेंजिंग रूम और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। घाटों पर गोताखोर तैनात किए जाएंगे और यमुना का जलस्तर भी बढ़ाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की जाएगी ।
यमुना के किनारे स्वास्थ्य कैंप लगाए जाएंगे और शहर में जगह जगह पानी की प्याऊ की व्यवस्था की जाएगी। यमुना के घाटों पर कपड़े चेंज करने के लिए अस्थाई स्नान घर बनाए जाएंगे इसके अलावा घाटों पर वॉलिंटियर भी तैनात किए जाएंगे ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में स्नान करने से बचें यमुना के घाटों पर साफ सफाई और बैरिकेडिंग कराई जाएगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की जाएगी नगर निगम के अधिकारी एवं पुलिस फोर्स भी तैनात रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो मथुरा में गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालु यमुना में स्नान करने आते हैं।
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि विश्राम घाट सहित दूसरे घाटों का निरीक्षण किया गया है। यहां करीब 22 घाट हैं। सभी घाटों की सफाई कराई गयी है। आज से यमुना जी में बैरीकेडिंग कराई जा रही है। विश्राम घाट के सामने वाले घाटों पर भी बैरीकेडिंग और दूसरी व्यवस्थाएं की जा रही है। यमुना के लक्ष्मीनगर की ओर भी मेला लगता है वहां भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक व्यवस्थाएं दिये जाने का प्रयास किया जा रहा है स्टीमर पर लाइफ जैकेट का अभाव है, इसे भी सुनिश्चत कराया जा रहा है, पीएसी, एसडीआरफए, 36 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है ।