
आजाद मार्केट के जर्जर हालात, बरसात में हालत हुए और खराब
आजाद मार्केट के जर्जर हालात, बरसात में हालत हुए और खराब
-पार्षद ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर उठाया मुद्दा समाधान की मांग
मथुरा। महानगर के डीग गेट स्थित जर्जर हो चुकी आजाद मार्केट की दशा लगातार खराब हो रही है। नगर निगम मथुरा वृंदावन वार्ड 31 के पार्षद व नेता पार्षद दल समाजवादी पार्टी मुन्ना मलिक ने नगर निगम के नगर आयुक्त बताया कि आजाद मार्केट डीग गेट में दुकानें एवं सड़क जर्जर अवस्था में है जिससे स्थानीय दुकानदारों और ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रथम तल पर आने वाले दो झीने भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मार्केट की सड़क खरंजा पूर्ण रूप से उखड़ चुके हैं, आपराधिक किस्म के युवाओं ने इसको अपना अड्डा बना रखा है। 2005 में मार्केट निर्मित होने के पश्चात निगम द्वारा कोई कार्य मरम्मत आदि का नहीं कराया गया है। मार्केट की हालत बदतर हो गई है। दो मंजिला भवन पूर्ण जर्जर हालत में पहुंच गया है। मार्केट में सड़क के नाम पर सिर्फ और सिर्फ गड्ढे ही नजर आते हैं। दुकानें जर्जर हो चुकी हैं और इसमें कारोबार करने में व्यापारियों को हर समय डर लगा रहता है।
भूतल और पहली मंजिल मिलाकर मार्केट में 144 दुकानें हैं। इन दुकानों में हर प्रकार की दुकानें हैं, जिनमें होल सेल, रिटेल, कबाड़, डाक्टर, अधिवक्ताओं के कार्यालय, गिलेट की पायजेब, भगवान की पोशाक, मूर्तियां, तस्वीरें आदि बिकती हैं। आजाद मार्केट की दुकानों को नगर पालिका ने लीज पर दिया और सभी दुकानें कारोबारियों ने ले लीं। मार्केट का रख रखाव नगर पालिका ने अपने हाथ में रखा। कुछ समय तक तो व्यवस्थाएं दुरूस्त रहीं। फिर धीरे धीरे आजाद मार्केट अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई। मार्केट का कोई हिस्सा ऐसा नहीं है जो जर्जर ना हो।
यहां कारोबार करने वालों का कहना है कि वह लोग हर समय मौत के साए में बैठे रहते हैं। कई दुकानों की छतों के लेंटर गिर चुके हैं जो बचे हैं उनका प्लास्टर भी धीरे धीरे गिर रहा है। मार्केट का रख रखाव नगर निगम के पास है लेकिन नगर निगम भी इस ओर ध्यान नहीं देरहा है। अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। मार्केट की कोई दुकान ऐसी नहीं जो बरसात के दिनों में न टपकती हो। नाली और सीवर के चोक होने से बरसात का पानी मार्केट में भर जाता है, यह पानी कई कई दिन तक भरा रहता है, बरसात के दिनों में दुकान खोलने में भी डर लगता है।