
मांग : अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम पारित करें सरकार
मांग : अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम पारित करें सरकार
मथुरा। ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (आइलाज)के वैनर तले 17अगस्त को हाईकोर्ट लखनऊ के महामना हॉल में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियमष् पारित करो विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सरकार और जनता के मध्य अधिवक्ता न्याय के केंद्र बिंदु हैं। ऐसे में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम पारित करना सरकारों के लिए अनिवार्य होना चाहिए।
आइलाज के राष्ट्रीय महासचिव व कर्नाटक के वरिष्ठ अधिवक्ता क्लिफ्टन डी रोजारियो ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा. आगे वताया कि कोराना काल ने इस अधिनियम की जरूरत को बड़ी सिद्दत से महसूस कराया। आगे कहा कि आज न्याय व्यवस्था व अधिवक्ता हितॉ पर सरकारी हमले व हस्तक्षेप बढ़े है। प्रदेश संयोजक व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नशीर शाह (मथुरा) ने कहा कि अधिवक्ताओं के आर्थिक, सामाजिक, लोकतांत्रिक हितों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि सांसदों, विधायकों के लिए सरकारी पेंशन की व्यवस्था है किन्तु अधिवक्ताओं के लिए सम्मान जनक पेंशन की कोई व्यवस्था नही है।
उन्होंने ऊपर से लेकर निचली अदालतों में अधिवक्ता के लिए सुविधा संपन्न चेंबर उपलब्ध कराने की मांग की। सेमिनार को केंद्रीय कमेटी सदस्यगण प्रभू सिंह सोनभद्र, डा. नफीस अहमद (जालौन) माताप्रसाद पाल (इलाहबाद), राजेश कुमार फ़ैजाबाद, कमल श्रीवास्तव व सुभाषपाल (गोरखपुर), शम्स विकास (पीलीभीत), विकास वर्मा (सीतापुर) कंचन मौर्या, सौरभ श्रीवास्तव, राजित राम यादव, मंजू शर्मा संदीप यादव लखनऊ हाईकोर्ट आदि ने भी सम्बोधित किया।
अध्यक्षता कर रहे हाई कोर्ट लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता बलराम यादव ने अधिवक्ता अधिकारों के संरक्षण कानून के बड़े आंदोलन की जरूरत को रेखांकित करसभी को धन्यवाद देते हुये सभा का समापन किया, सेमिनार का संचालन लखनऊ हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चन्द्रा ने किया। दूसरे सत्र में संगठन को गति देने के लिए शीघ्र राज्य सम्मेलन आहूत करने हेतु एक 15 सदस्यों की एक नई संयोजन समिति का चयन किया गया जिसमें नशीर शाह एड (मथुरा )को पुनः राज्य संयोजक एवं सौरभ चंद्रा (लखनऊ), प्रभू सिंह (सोनभद्र) व डाक्टर नफीस अहमद जालौन के तीन सह संयोजक चुने गये।