
मथुरा : यमुना ने छू लिया खतरे का निशान, मचा हड़कम्प
मथुरा : यमुना ने छू लिया खतरे का निशान, मचा हड़कम्प
-खादर क्षेत्रों में मचाई काफी तबाही, बाढ़ की चपेट में आये 300 से अधिक घर
मथुरा । गुरुवार की शाम चार बजे मथुरा में यमुना खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर बह रही थी। जिससे मथुरा वृंदावन के खादर क्षेत्रों में पानी ने काफी तबाही मचा दी। यहां के लगभग 300 से अधिक घरों को अपनी चपेट में यमुना ने ले लिया है जिससे लोगों में हड़कंप मच गया, वैसे सिंचाई विभाग के सूत्रों का कहना है कि नौहझील क्षेत्र में आज शाम को यमुना में पानी कम होना शुरू हो गया है, वहीं मथुरा से यमुना में आगरा की तरफ डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है।
शाम तक गोकुल बैराज से 97362 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। वहीं पुलिस प्रशासन की टीमें लोगों से माइक के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करती दिखाई दीं। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार शाम चार बजे मथुरा के प्रयाग घाट पर यमुनाजी का जल स्तर 166. 16 मीटर दर्ज किया गया। यह अब तक का सबसे अधिक जल स्तर रहा। वहीं गोकुल बैराज पर अप में यमुना का जल स्तर 164. 80 मीटर और डाउन में 164. 75 मीटर दर्ज किया गया।
वहीं मथुरा से आगरा की तरफ 97362 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम चार बजे तक ओखला बैराज से 31685 क्यूसेक और सहारनपुर के ताजेवाला बैराज से 27793 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, सिंचाई विभाग के अपर खंड आगरा कैनाल के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि ओखला बैराज से शाम पांच बजे 31098 क्यूसेक और सहारनपुर स्थित ताजेवाला बैराज से 25613 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि नौहझील क्षेत्र में यमुना के जल स्तर में कमी होना प्रारंभ हो गया है। रात्रि में मथुरा वृंदावन में यमुना जी के पानी में कमी होना प्रारंभ हो जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने तहसील महावन के अंतर्गत ग्राम नगला अकोस में यमुना जी के जल स्तर का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने यहां के प्रभावित परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया। वहीं बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा एसडीएम के साथ करके लोगों का हाल जाना, उनको बाढ़ राहत साम्रिगी पहुंचाई, वहीं विधायक राजेश चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत सामिग्री बांटी, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह ने छाता क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।