
भरतपुर रियासत को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दर्शाने पर मचा बबाल
भरतपुर रियासत को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दर्शाने पर मचा बबाल
-केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की कक्षा 8 की पुस्तक की गलती को सुधारने की मांग
मथुरा । एनसीईआरटी की कक्षा आठ की किबात में भरतपुर रियासत को मराठा साम्राज्य का हिस्सा बताया गया है। इस तथ्य ने विवाद खड़ा कर दिया है, लोगों का कहना है कि भरतपुर रियासत कभी भी मराठा साम्राज्य का हिस्सा नहीं रही, अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय पर डिप्टी कलेक्टर ऊषा सिंह को ज्ञापन सौंपा गया, यह ज्ञापन एनसीईआरटी कक्षा 8 की पुस्तक में भरतपुर रियासत को मराठा साम्राज्य के अधीन दिखाए जाने के विरोध में दिया गया।
जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी ने बताया कि भरतपुर रियासत हमेशा स्वतंत्र रही थी। कभी भी किसी भी शासक का भरतपुर पर आधिपत्य नहीं हुआ, इतिहास की भूल सुधार करने के लिए शिक्षा मंत्री से मांग की, जिला उपाध्यक्ष रामवीर सिंह चौधरी ने इतिहास से छेड़छाड़ करने का विरोध करते हुए कहा कि जाट समाज कभी भी अपमान को नहीं सहता। ज्ञापन देने वालों में शिवराज सिंह प्रदेश सचिव, उमाशंकर सिंह अधिवक्ता, देशवीर सिंह महासचिव, विक्रम सिंह अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ, मान पाल सिंह महासचिव, नेपाल सिंह, इंद्रजीत मीडिया प्रभारी, महासचिव, दिगंबर सिंह, रालोद के पूर्व जिला अध्यक्ष दीपक चौधरी, भूपराम पहलवान, परशौती जिला महासचिव, विनोद फौजदार, डॉ. जयकुमार, मुरारी लाल, सतवीर सिंह, उदयवीर सिंह, बचन पहलवान, हरिओम, हाकिम सिंह, रणवीर सिंह, हेमराज सिंह, सुरेंद्र सिंह, सतीश नौहवार, ओमप्रकाश चौटाला, विजयपाल सिंह, रतनेश, बाबू लाल मगोर्रा आदि उपस्थित रहे।