विकसित भारत की कल्पना बिना शिक्षकों के संभव नहीं-तेजवीर सिंह

विकसित भारत की कल्पना बिना शिक्षकों के संभव नहीं-तेजवीर सिंह
-राज्यसभा सदस्य ने शिक्षक समस्याओं के समाधान कराने का दिया आश्वासन 
-शिक्षक समस्याओं पर मंथन के साथ  माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रांतीय सम्मेलन सम्पन्न
    मथुरा । किशोरी रमण इंटर कॉलेज में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा संघ के 58वें दो दिवसीय सम्मेलन का समापन शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश व केन्द्र सरकार से शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाली व अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की, सम्मेलन के द्वितीय दिवस का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य चौ0 तेजवीर सिंह एवं मंगलायतन यूनिवर्सिटी के सचिव पूर्व ब्रिगेडियर समरवीर सिंह द्वारा मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण कर किया, मुख्य अतिथियों का स्वागत संयोजक संजय पचौरी एवं सह-संयोजक डॉ0 मनवीर सिंह व कैप्टन मुरलीधर शर्मा ने माला व अंगवस्त्र पहनाकर किया ।
  मुख्य अतिथि राजसभा सदस्य चौ0 तेजवीर सिंह ने शिक्षक समुदाय की समस्याओं पर गहन चिंतन करते हुए धारा 12, 18 और 21 के संशोधन के प्रयास का आश्वासन दिया, साथ ही कहा कि 2047 तक विकसित भारत की कल्पना बिना शिक्षकों के कभी नहीं की जा सकती है, सरकार का पूर्ण दायित्व है कि देश के भविष्य को संवारने वाले शिक्षक समुदाय की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जाना चाहिए, अध्यक्षता कर रहे संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी ने शिक्षकों के साथ सरकार के सामने रखे जाने वाले प्रस्तावों को लेकर चर्चा की जिसमें महिला शिक्षिकाओं को प्रबंधकों के उत्पीड़न से मुक्ति, प्रबंधकों से शिक्षकों को मुक्ति, समान कार्य हेतु समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना को पुनः स्वीकृति आदि पर विचार विमर्श किया ।


    उन्होंने कहा कि अवकाश के दिनों में भी शिक्षकों को प्रबंधन द्वारा विद्यालय जाने के लिए बाध्य किया जाता है, विद्यालय प्रबंधन अनावश्यक कारणों से शिक्षकों पर दवाब बनाते हैं जो बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है, कई बार सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के बाद भी शिक्षक समुदाय निराश ही रहा है, हमें उपलब्धियां तो अर्जित हो जाएंगी किंतु यदि हम सुरक्षा सेवा की धारा को वापस नहीं लाए तो इसी तरह किसी न किसी जनपद में शिक्षक-शिक्षिकाओं का शोषण होता रहेगा और बर्खास्त होते रहेंगे, उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक संजय पचौरी को संघ का प्रांतीय मंत्री घोषित किया, शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जब भी शिक्षक समुदाय सरकार के सामने अपनी मांगें रखता है तो सरकार द्वारा उसे आर्थिक अभाव का संकट दर्शाया जाता है, यदि किसी गरीब के बच्चे को शिक्षा प्रदान करने का दायित्व का निर्वहन प्रदेश में हो रहा है तो इन्हीं वित्तविहीन व सहायता प्रदान विद्यालयों में हो रहा है, शिक्षक समुदाय को सम्मानपूर्वक उनका अधिकार देना चाहिए ।


   विशिष्ठ अतिथि पूर्व ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने कहा कि समस्त शिक्षक समुदाय को एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपनी मांगों को अवश्य रखना चाहिए ताकि सरकार का ध्यान दें, पूर्व महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि यह बड़ा दुर्भायापूर्ण है कि हमारा शिक्षक समुदाय भी जातियों के आधार पर स्वयं को रेजीमेंट में बांटता रहा है जबकि शिक्षक समुदाय को एकजुट होकर शिक्षक रेजीमेंट के माध्यम से अपनी समस्याओं व अधिकारों को सरकार के सामने रखना चाहिए, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र उपाध्याय, जिला कोषाध्यक्ष आनंद शर्मा, जिलामंत्री अनिल सिंह छौंकर, उमेश सारस्वत, डॉ0 मुकेश शर्मा, मिथलेश कुमारी, शिवा सिंह, अनीता आचार्य, गीता रानी, राधा भारद्वाज आदि उपस्थित रहे ।

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