एक से तीन तक 261 अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त, अब नहर होगी कब्जा मुक्त
एक से तीन तक 261 अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त, अब नहर होगी कब्जा मुक्त
-सिंचाई विभाग ने की तैयारी, 9 सेक्टरों में बंटा इलाका, 35 फीट चौड़ी होगी एस्केप नहर
मथुरा । एस्केप नहर की जमीन पर सालों से काबिज अतिक्रमणकारियों पर जिला प्रशासन का डंडा चलने वाला है, सिंचाई विभाग ने ध्वस्तीकरण की पूरी कार्य योजना जिला प्रशासन को सौंप दी है, एक से 3 फरवरी तक चलने वाली इस कार्रवाई में गणेशरा और संजय नगर सहित करीब 261 से अधिक मकानों और दुकानों को जमींदोज किया जाएगा, सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं ।
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अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाएगा, यदि पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित रही तो रविवार सुबह से ही मशीनों की गर्जना शुरू हो जाएगी, प्रशासन का लक्ष्य 20 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट तैयार करना है, कार्यवाही वाले क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटा गया है, एक से तीन फरवरी तक महाभियान चलाया जाएगा, अतिक्रमण हटने के बाद यह नहर करीब 35 फीट चौड़ी हो जाएगी ।
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सिंचाई विभाग के अनुसार, मथुरा एस्केप नहर की मूल चौड़ाई कभी 35 फीट हुआ करती थी, जो अवैध निर्माणों के चलते सिमटकर मात्र 8 फीट रह गई है, इसके कारण शहर की जल निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है, हाई कोर्ट के 2013 और 2014 के आदेशों के अनुपालन में अब प्रशासन इस 3.5 किलोमीटर लंबे दायरे को खाली कराने के लिए कटिबद्ध है, 2023 में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नही मिलने के बाद अब विभाग पोकलेन और जेसीबी मशीनों के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।
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अधिशाषी अभियंता अपर खण्ड आगरा नहर नवीन कुमार ने बताया कि ध्वस्तीकरण की पूरी तैयारी कर ली गई है, कार्य योजना जिला प्रशासन को सौंप दी गई है, फोर्स उपलब्ध रही तो एक फरवरी से अभियान शुरू कर दिया जाएगा, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही होगी, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासी वरुण वाल्मीकि ने बताया कि हम लोग यहां वर्षों से रह रहे हैं, कई लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर यहाँ घर बनाया है, हाल ही में यहाँ जमीनों की खरीद फरोख्त भी हुई, तब किसी ने नहीं रोका, अचानक बेघर होने के डर से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, सरकार को हमारे पुनर्वास के बारे में भी सोचना चाहिए ।
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