आधुनिकता के साथ बदल रहा है अपराध जगत का चेहरा
आधुनिकता के साथ बदल रहा है अपराध जगत का चेहरा
-एसएसपी ने युवा अधिकारियों के साथ साझा की डिजिटल क्राइम से निपटने की जानकारी
मथुरा । साइबर अपराध, क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग और एआई के माध्यम से बढ़ते डीप फेक जैसे नए खतरों ने अपराध की दुनिया की पूरी शक्ल बदल दी है, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इन तकनीक-संचालित और सीमा-पार अपराधों का मुकाबला करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, पारंपरिक हवाला और नकद लेनदेन की जगह अब क्रिप्टोकरेंसी और डार्क वेब के माध्यम से फिरौती और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया जा रहा है ।
अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके लोगों की आवाज की नकल (वॉयस क्लोनिंग) और फर्जी वीडियो (डीप फेक) बनाकर भारी ठगी कर रहे हैं, यह भी साइबर फ्रॉड का ही एक तरीका है, पुलिस कार्यालय में प्रशिक्षणाधीन क्षेत्राधिकारियों को साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं व तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया गया, एसएसपी श्लोक कुमार और एसपी देहात सुरेशचंद ने युवा अधिकारियों को डिजिटल धोखाधड़ी, वित्तीय फ्रॉड और सोशल मीडिया जनित अपराधों के बारे में व्यावहारिक निर्देश देते हुए बताया कि साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए त्वरित रिस्पॉन्स और तकनीकी विश्लेषण कितना अनिवार्य है, इसके साथ ही उन्होंने साइबर सेल की कार्यप्रणाली, डेटा एनालिसिस उपकरणों के उपयोग और पीड़ित नागरिकों की शिकायतों पर पुलिस द्वारा की जाने वाली त्वरित वैधानिक कार्यवाहियों से भी सभी को अवगत कराया ।
आधुनिकता के युग में टटलू साइबर फ्रॉड बन गए हैं, आर्थिक अपराध का चेहरा बदल रहा है, नई नई तकनीक आ रही हैं जो पुलिस के सामने नई चुनौतियां बन रही हैं, चलते ईवी ऑटो को दूर बैठे एक ऐप का उपयोग कर बंद कर देने का मामला सामने आया और सरकार ने ऐप को प्रतिबंधित कर दिया, यह आने वाले समय की नई चुनौतियों को दर्शाता है, कभी सोने की ईंट का लालच देकर लोगों का टटलू काटने वाले आजकल बैंक कर्मचारी और अधिकारियों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड कर रहे हैं, यह साबित करता है कि अपराध और अपराध जगत में संलिप्त लोगों का दायरा बढ़ रहा है ।







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