सीसीटीवी फुटेज को लेकर लखनऊ खण्डपीठ ने दिया अहम फैसला
सीसीटीवी फुटेज को लेकर लखनऊ खण्डपीठ ने दिया अहम फैसला
-सर्वोच्च न्यायालय के परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह के आदेश का लिया संज्ञान
-RTI में सीधे आवेदक को नहीं दी जा सकती सीसीटीवी की फुटेज-लखनऊ हाईकोर्ट
लखनऊ । उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खण्डपीठ ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को लेकर 2 सितंबर बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला दिया है, हाईकोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में संवेदनशील जानकारी हो सकती है इसलिए इसे सीधे आवेदक को उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है, ऐसी जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(छ) में दिए गए अपवाद के दायरे में आती है ।
हालांकि हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ का कहना है कि संबंधित व्यक्ति किसी सक्षम न्यायालय या आयोग के समक्ष शिकायत करता है तो वहां से फुटेज सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उसे मंगाने का आदेश दिया जा सकता है, न्यायमूर्ति शेखर बी0 सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की पीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता शोभित कश्यप की ओर से दाखिल रिट याचिका संख्या 7418/2026 का 2 सितम्बर को निस्तारण करते हुए दिया, याचिकाकर्ता ने 20 मार्च 2025 को आरटीआई आवेदन देकर फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की थी ।
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याचिकाकर्ता शोभित कश्यप की ओर से विद्वान अधिवक्ता सूरज सिंह निषाद व अधिवक्ता अतुल राय और योगेश सोनी द्वारा बहस करते हुए सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले जनसूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाने और अधिकारी की बजह से याचिकाकर्ता को हुए आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा दिलाने की भी मांग की गई थी, वहीं राज्य सूचना आयोग की ओर से बताया गया कि मांगी गई सीसीटीवी फुटेज मे संवेदनशील जानकारी है इसलिए सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8 (1)(छ) के तहत इसे सीधे आवेदक को नहीं दिया जा सकता है ।
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