द्वारकाधीश मंदिर में धूमधम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
द्वारकाधीश मंदिर में धूमधम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
मथुरा । पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ0 वागीश कुमार महाराज तृतीय पीठाधीश्वर की आज्ञानुसार 4 सितंबर को भगवान कृष्ण के जन्म की जो तैयारियां पिछले 15 दिनों से चल रही थीं, उनका सफल समापन हुआ, प्रातः काल छह बजे मंगला के दर्शन खुले जो 6ः15 बजे बंद हुए, इसके बाद प्रातः 6ः30 बजे ठाकुर जी का भव्य पंचामृत अभिषेक हुआ जिसमें दूध, दही, घी, बुरा और शहदकृइन पांच द्रव्यों का उपयोग कर मंदिर के मुखिया सुधीर कुमार द्वारा पंचामृत अभिषेक संपन्न कराया गया ।
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तत्पश्चात ठाकुर जी का भव्य श्रृंगार हुआ जिसके बाद ग्वाल और राजभोग की झांकी खुली, सायंकाल 7ः30 बजे उत्थापन के दर्शन खुले जिसके बाद भोग, संध्या आरती और शयन हुआ, रात्रि 10 बजे जागरण की पहली झांकी खुली और तत्पश्चात रात्रि 11ः45 बजे भगवान का जन्म (प्राकट्य) हुआ जिसमें पुनः ठाकुर जी का अभिषेक संपन्न हुआ, पुष्टिमार्गीय संप्रदाय की यह परंपरा है कि कोई भी जन्मोत्सव होकृचाहे रामनवमी हो, नृसिंह जयंती हो या वामन जयंतीकृठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक किया जाता है ।
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जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर को अत्यंत भव्य रूप से सजाया गया था, देश-विदेश से आए श्रद्धालु एक-दूसरे को अपने आराध्य के जन्म की बधाई दे रहे थे, प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में नौबत शहनाई व वाद्य यंत्र बज रही थी, व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मुख्य द्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया और दूसरे द्वारों से निकासी की व्यवस्था की गई, पुरुष एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो। इसके लिए लगातार घोषणाएं की जा रही थीं और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी दर्शन कराए जा रहे थे ।






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