सूरदास ब्रजभाषा अकादमी के निदेशक व अन्य पदों पर हुईं नियुक्तियाँ
सूरदास ब्रजभाषा अकादमी के निदेशक व अन्य पदों पर हुईं नियुक्तियाँ
-ब्रज भाषा के संरक्षण, साहित्य के विकास, प्रचार-प्रसार के लिए किया अकादमी का गठन
मथुरा। सूरदास ब्रज भाषा अकादमी अब अमल में आ गई है, कार्यालय भवन बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने अकादमी के संचालन के लिए निदेशक सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की हैं, प्रदेश की योगी सरकार ने ब्रजभाषा के संरक्षण, साहित्य के विकास और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से अकादमी का गठन किया था, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि ब्रज भाषा के संरक्षण को लेकर लम्बे समय से हो रही स्थानीय मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सूरदास ब्रजभाषा अकादमी का गठन किया था। .jpg)
ब्रज भाषा प्रेमियों की इच्छा के अनुरूप इसमें ब्रज भाषा के साथ ब्रज साहित्य, लोक परंपराओं, लोककला और संगीत के संरक्षण एवं विकास की परिकल्पना की गई है। अकादमी के लिए गोवर्धन क्षेत्र के पारासौली स्थित सूरकुटी-चंद्र सरोवर को मुख्यालय बनाया गया, यहां अकादमी के साथ पुस्तकालय, सेमिनार भवन और इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी, यहाँ महाकवि सूरदास सहित विभिन्न कवियों की प्रतिमाओं और उनके जीवन व साहित्य से संबंधित सामग्री का प्रदर्शन किया है, जो लोगों को ब्रज की समृद्ध साहित्यिक परंपरा से परिचित कराता है।.jpg)
सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने कहा कि ब्रज भाषा केवल बोलचाल की भाषा नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की प्रमुख भाषाओं में रही है, सूरदास, रसखान और मीराबाई सहित अनेक भक्त कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से ब्रज भाषा को व्यापक पहचान दी, विशेष रूप से कृष्णभक्ति काव्य में ब्रजभाषा का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रज की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए सूरदास ब्रज भाषा अकादमी का संचालन ब्रज भाषा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे ब्रज भाषा के साहित्यकारों, शोधार्थियों, कलाकारों और भाषा प्रेमियों को एक संस्थागत मंच मिल सकेगा ।



















