ब्रज की खोज परियोजना : पुरातात्विक टीलों को मिलेगा बेहतर संरक्षण
ब्रज की खोज परियोजना : पुरातात्विक टीलों को मिलेगा बेहतर संरक्षण
मथुरा । ब्रज क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, पुरातत्त्व, एवं सांस्कृतिक विरासत के समग्र अध्ययन, सरंक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना ‘ब्रज की खोज’ के लिए भारतीय पुरातत्त्व परिषद, नई दिल्ली की और से प्रो (डॉ0) बी.आर.मणि उपाध्यक्ष एवं महासचिव एवं ब्रिसेक चौंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नई दिल्ली की ओर से डॉ हरवंश चावला (चेयरमैन) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। .jpg)
परियोजना में भारतीय पुरातत्त्व परिषद, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्त्व विभाग एवं वृंदावन शोध संस्थान, वृंदावन सहित संस्थानो के सहयोग से ब्रज क्षेत्र की विरासत के अध्ययन एवं संरक्षण के कार्य को आगे बढाया जायेगा, संस्थान के निदेशक डॉ0 राजीव द्विवेदी ने इस परियोजना के उद्देश के बारे मेें बताते हुए कहा कि ब्रज क्षेत्र की ऐतिहासिक, पुरातात्त्विक एवं सांस्कृतिक विरासत का बहुआयामी अध्ययन करते हुए उसके संरक्षण एवं व्यापक प्रसार के लिए वैज्ञानिक आधार तैयार करना है।
इस परियोजना के अंर्तगत ब्रज के इतिहास, पुरातत्त्व, कला, संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं का समग्र अध्ययन, प्राचीन पुरातात्त्विक स्थलों, अवशेषों, मंदिरों, तीर्थ मार्गों एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण, पुरातात्त्विक स्थलों का मानचित्रण, जीएसआई आधारित अध्ययन, वैज्ञानिक अभिलेखीकरण, चयनित पुरातात्विक टीलों एवं स्थलों पर अनुमति प्राप्त का अन्वेषण एवं उल्खनन की संभावनाओं का अध्याय, ब्रज की मूर्तिकला, स्थापत्य, अभिलेख, लोक परंपराओं एवं धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार एवं शोध निष्कर्षों का प्रकाशन तथा ब्रज की सांस्कृतिक विरासत के संबंध में जन-जागरूकता का विस्तार आदि कार्य किये जायेंगे।
इस अवसर पर प्रो0 (डॉ0) मुरली मनोहर जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार, प्रो0 शंकर कुमार सान्याल अध्यक्ष, हरिजन सेवक संघ, अशोक कुमार सिंह सह-अध्यक्ष, ब्रिसेक-सी.सी.आई, रविन्द्र सिंह आई.ए.एस. सेवानिवृत्त, डॉ0 राजीव द्विवेदी निदेशक, वृंदावन शोध संस्थन, डॉ0 आशा जोशी कोषाध्यक्ष, भारतीय पुरातत्त्व परिषद, डॉ0 विनय गुप्ता अधीक्षण पुरातत्त्वविद्, मेरठ मंडल, भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण समेत अनेक अन्य गणमान्य अतिथियों एवं विद्वानों ने कार्यक्रम में भाग लिया ।



















