23 सितंबर को होगा शरद संपात काल, दिन रात होंगे एकसमान
23 सितंबर को होगा शरद संपात काल, दिन रात होंगे एकसमान
मथुरा । ज्योतिष व खगोलशास्त्र के अनुसार 23 सितंबर को महा विशुव दिन व शरद संपात काल होगा, इस दिन 12 घंटे का दिन व 12 घंटे की रात्रि होगी अर्थात दिन रात बराबर होंगे, मौसम में बदलाव होगा जिससे स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याएं बढ़ेंगी, यह जानकारी दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने गोपाल गली स्थित संस्थान के कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में दी ।.jpg)
उन्होने कहा ज्योतिष शास्त्र में 23 तारीख का विशेष महत्व है, 23 सितंबर व 23 मार्च को वर्ष में दो बार 12 घंटे का दिन व 12 घंटे की रात्रि होती है और 23 जून को वर्ष का सबसे बड़ा दिन 13 घण्टा 24 मिनट का होता है, उन्होंने कहा वर्तमान में शनि ग्रह वक्र गति से चल रहा है, यह 10 दिसम्बर तक चलेगा जिससे देश व दुनिया में भारी उथल-पुथल रहेगी, राजनीतिक क्षेत्र में भारी हलचल रहेगी उन्होंने सभी से धर्म कर्म दान पुण्य पूजा पाठ में अधिक से अधिक ध्यान देने की सलाह दी है।
संस्कृत भारती के अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने कहा कि 23 सितंबर के बाद प्रति दिन एक मिनट छोटा होता जाएगा और रात्रि बड़ी होगी, सितंबर मास के अन्त तक मौसम में बदलाव रहेगा गरमी शरदी का मिला जुला असर रहेगा, उन्होंने कहा आश्विन मास में पंच रविवार व पांच सोमवार होना और शनिश्चरी अमावस्या का होना अत्यंत अनिष्टकारी मान जा रहा है, गोष्ठी में ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चतुर्वेदी, रामदास चतुर्वेदी शास्त्री, पं शरद चतुर्वेदी, सौरभ शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अत्यंत नाजुक चल रहा है जिसमें राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में भारी उथल-पुथल होने की संभावना है बदलते मौसम के कारण मानसिक तनाव बना रहेगा ।



















