जनपद मथुरा में एक बार फिर हुआ एंटी भूमाफिया समिति का गठन
जनपद मथुरा में एक बार फिर हुआ एंटी भूमाफिया समिति का गठन
-जनपद के टॉप टेन भू माफियाओं की एक बार फिर से बनेगी सूची, जिम्मेदारी होंगी तय
मथुरा । जिला प्रशासन में यकायक भू माफिया पर कार्यवाही की बात होने लगी है, हालांकि जनपद में एंटी भू माफिया समिति का गठन वर्षों पहले हुआ था, एंटी भू माफिया स्क्वाड भी बनाया गया था, यह सब 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार बनने के बाद लिये गये महत्वपूर्ण फैसलों में से थे, हालांकि पहले एंटी भू माफिया समिति की बैठक नियमित रूप से होती थीं, यह कुछ समय ही चला इसके बाद एंटी भू माफिया स्क्वाड और एंटी भूमाफिया समिति को भुला दिया गया, यकायक जनपद में भू माफिया विहीन हो गया है, इस तरह का माहौल बन गया, टॉप टेन भू माफिया की सूची बनाने और उसे सार्वजनिक करने जैसी प्रक्रिया भी ओझल हो गई, जनता तक इस तरह की कोई सूची वर्षों से नहीं पहुंची ।(11).jpg)
एक बार फिर योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम चरण में भू माफिया पर कार्यवाही की बात हो रही है, जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले लोग नए सिरे से चिह्नित किए जांएगे, वहीं जनपदभर में बने आश्रमों को लेकर चल रहे विवादों को भी जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है, कब्जे का प्रयास करने वालों को भी माफिया की श्रेणी में रखा जाएगा, नगर निगम क्षेत्र में पहले चिन्हित की गईं अवैध कब्जे वाली जगहों पर हुई कार्यवाही का नए सिरे से सर्वे कराया जा रहा है, इसके बाद आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ।
सभी उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस अपने अपने क्षेत्रों में भू माफियाओं को चिन्हित करते हुए उनके द्वारा किये गये कब्जों पर स्वयं जाकर देखेंगे कि वहां कब्जा है या नहीं, जिन जमीनों पर कब्जा हो रखा है उन्हें खाली कराया जाएगा और नियमानुसार कार्यवाही की जाये, मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के समस्त अवर अभियंता तथा सहायक अभियंता अपने अपने क्षेत्रों में कोई कब्जा नहीं है, अवैध प्लाटिंग नहीं हो रही है, अवैध निर्माण नहीं हो रहा है तथा नक्शा विपरीत भी कोई निर्माण नहीं चल रहा है, इसका सत्यापन प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे ।
क्या है नया आदेश?
-हर थाने में बनेगा रजिस्टर : जिले के प्रत्येक थाने में अपने क्षेत्र के सभी प्रॉपर्टी डीलरों का पूरा रिकॉर्ड वाला रजिस्टर बनाया जाएगा, इसमें उनके नाम, पता, लाइसेंस और पिछले काम का ब्यौरा होगा।
-सत्यापन होगा : हर प्रॉपर्टी डीलर का पुलिस सत्यापन किया जाएगा, उनका हथियार और अपराध इतिहास भी खंगाला जाएगा।
-दागी डीलरों पर कार्रवाई : जिन डीलरों पर पहले से धोखाधड़ी, जमीन पर कब्जा या अन्य आपराधिक मुकदमे हैं, उनका लाइसेंस रद्द कर उन्हें भू-माफिया घोषित किया जाएगा ।
एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि मथुरा में जमीन से जुड़े अपराधों के पीछे ज्यादातर अवैध और दागी प्रॉपर्टी डीलरों का हाथ होता है। जनता को ठगने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, इस कार्रवाई के बाद जमीन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है ।















