सनसनी : 3 साल में हो गये 10 लाख खर्च, नहीं मिला एक बूंद भी पानी
सनसनी : 3 साल में हो गये 10 लाख खर्च, नहीं मिला एक बूंद भी पानी
-अडींग के कंचनपुर गांव में पेयजल घोटाला, 2.78 लाख बोरवैल पर ख़र्च, ग्रामीणों ने लगाए आरोप
मथुरा । गोवर्धन तहसील की ग्राम पंचायत अड़ींग में घोटालों की फेहरिस्त लंबी है लेकिन जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने हुए हैं, पंचायत के नगला कंचनपुर में साल 2022 से 2025 तक पेयजल लाइन, मेंटीनेंस आदि पर 10 लाख खर्च हो चुके हैं लेकिन वहां 2.78 लाख खर्च दिखाकर अभी तक बोरवैल ही स्थापित नहीं हुआ है, सूत्रों की मानें तो तीन साल में पेयजल व्यवस्था के नाम पर करीब 80 लाख खर्च हो चुका है लेकिन पानी की मोटर उठाने के लिए गांव के सोशल मीडिया ग्रुप में पंचायत सचिव का नंबर डाला जाता है ।
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अड़ींग पंचायत में पेयजल व्यवस्था के नाम पर मोटा घोटाला सामने आया है, एक कोड से ही 278456 रुपये बोरवैल के नाम पर निकाले गये, करीब पौने आठ लाख की राशि निकालने से पूर्व साल 2022 में उक्त कोड से ही रुपये 889182 कंचनपुर, रामपुर, राजपुर, रंगपुरा आदि नगलों में संयुक्त रूप से पेयजल व्यवस्था के लिए निकाले गए, यह सभी डिटेल ई ग्राम स्वराज बेवसाइट पर अपलोड भी है, ग्रामीण नेत्रपाल सिंह ने कहा कि पौने तीन लाख रुपए का बोरिंग कहीं हुआ ही नहीं है, जब बोरिंग ही नहीं हुआ तो पानी मिलने का सवाल ही पैदा नहीं होता, जब वाटर सप्लाई आज तक चालू नहीं हुई तो मेंटीनेंस के नाम पर सिल 2022 से 2025 तक पैसा क्यों निकाला जा रहा है ।
उनका आरोप है कि सीसी सड़क बनने से पूर्व 30 घर के नगले में मानकों के प्रतिकूल पतली काली पाइप की लाइन डाली गई थी जो अंदर दबी पड़ी है, यह पैसा बेकार गया, अब जल जीवन मिशन की लाइन डालने का कार्य होगा, प्रधान पक्ष की दबंगई इस कदर जारी है कि सचिव कोई भी आए वह भी बैखौफ होकर मलाई मारने से नहीं रुकता, अड़ींग पंचायत की ई ग्राम स्वराज बेवसाइट की आडिट कर रहे युवाओं की मानें तो पेयजल के नाम पर गुजरे तीन साल में 60-80 लाख खर्च होने का अनुमान है, इन कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए हाई पावर कमेटी से जांच को लिखा जाएगा ।







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