दो हत्यारोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
दो हत्यारोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
-अपर सत्र न्यायालय ने लगाया 10 हजार का अर्थदंड, साढ़े छह साल पहले हुई थी युवक की हत्या
मथुरा । न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-01) उच्चतर न्यायिक सेवा राम किशोर पाण्डेय ने साढे छह साल पहले मांट के केशोपुर निवासी एक व्यक्ति की हुई हत्या के प्रकरण में दो युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है, वादी अजीत ऊर्फ अनिल पुत्र छीतरमल ने थाना राया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी ।
तहरीर में आरोप लगाया था कि उसके बड़े भाई कुमेश चन्द शर्मा पुत्र छीतर मल शर्मा निवासी ग्राम केशोपुर, थाना मांट 21 अक्टूबर 2019 को सुबह समय करीब 11 बजे घर से राया कस्बे के पास कोल्ड स्टोर विचपुरी रोड की कहकर गये थे, उसने कस्बा राया बाजार से शाम करीब 5 बजे निनुआ नाई की दुकान के पर मांट रोड पर देखा था, वह बाजार से घर का सामान लेके चला गया था, शाम को करीब 6-7 बजे तक कुमेश जब घर नहीं पहुंचा तो घर वालों ने उसके मोबाइल नं को मिलाने की कोशिश की तो राय के बाजार में पता चला कि उसके भाई की अज्ञात व्यक्तियों ने हत्या कर दी गई है।
अभियुक्तगण रिंकू एवं दयाशंकर के विरूद्ध धारा-302 भा.दं. सं. के तहत विचारण किये जाने हेतु मजिस्ट्रेट न्यायालय में आरोप पत्र राया पुलिस ने प्रस्तुत किया गया, जिस पर तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिया गयाज़ उसके उपरांत उक्त आपराधिक मामले को तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मथुरा ने 7 जनवरी 2020 को सत्र सुपुर्द किया, तत्पश्चात सत्र परीक्षण सत्र न्यायाधीश के कार्यालय में पंजीकृत एवं संख्याकित होकर विचारण किये जाने हेतु न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-01) को अन्तरित हुआ, उभय पक्षों के तर्कों को सुनने तथा मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों के आधार पर अपर सत्र न्यायालय ने निष्कर्ष तय किया कि वर्तमान अभियुक्तगण रिंकू व दयाशंकर द्वारा वादी मुकदमा के भाई कुमेशचन्द हत्या की गई। यह हत्या का अपराध दोनों अभियुक्तगण ने जिस प्रकार से किया गया, न्यायालय द्वारा अभियुक्त रिंकू एवं दयाशंकर को धारा-302/34 भा.दं.सं. के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है ।







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