टेट के विरोध में शिक्षक संगठन हुए लामबंद, आंदोलन की रणनीति तय
टेट के विरोध में शिक्षक संगठन हुए लामबंद, आंदोलन की रणनीति तय
-अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनरतले करेंगे चरणबद्ध आंदोलन
मथुरा । परिषदीय विद्यालयों में आरटीई लागू होने से पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता किए जाने के बाद से विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है, प्रांतीय स्तर पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा तैयार किए गए अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (जेटीएफआई) की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन चलाने की रूपरेखा तैयार की गई, शिक्षक नेताओं ने कहा कि टीईटी के मुद्दे पर शिक्षक सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट हो रहे है, इस लड़ाई को लेकर ही अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ का गठन किया गया है ।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश गोस्वामी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विभिन्न शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशक संगठनों को मिलाकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ बनाया गया है जो कि इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रविन्द्र चौधरी ने आंदोलन की रूपरेखा के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में शिक्षक की पाती नाम से 9 से 15 मार्च तक पोस्टकार्ड, ई-मेल व ट्विटर के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा ।
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र व ईमेल भेजे जाएंगे, द्वितीय चरण में मशाल जुलूस निकाला जाएगा, तीसरे चरण में 3 मई को लखनऊ घेराव की योजना है, एससीएसटी शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्रिया व यूटा के जिलाध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो मानसून सत्र में संसद भवन का घेराव किया जाएगा, बैठक का संचालन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बलवीर सिंह ने किया, प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव यादव, सुधीर सोलंकी, उपेन्द्र पांडेय, जितेन्द्र जोशी, अवधेश सारस्वत, खुर्शीद अहमद, हरीश शर्मा, जयपाल, कौशल किशोर गौतम आदि मौजूद रहे, यूटा के जिला मंत्री विकास यादव ने सभी का आभार जताया ।







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