रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर एमवीडीए सुस्ती, 194 को 2.51 करोड़ के नोटिस
रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर एमवीडीए सुस्ती, 194 को 2.51 करोड़ के नोटिस
-सूख रही धतरी की कोख, ना जिम्मेदार विभाग गंभीर और ना ही जनता, बड़े खतरे की आशंका
मथुरा । बडे खतरे से जानबूझकर अनजान बनने की कोशिश की जा रही है, समस्या दिन प्रतिदिन जटिल होती जा रही है, भू गर्भीय जल लगातार दूषित हो रहा है और नीचे खिसक रहा है, अभी अप्रैल का महीना चल रहा है, दो महीने बाद मानसून की संभावित दस्तक होगी, अभी से पोखर, तालाब, जलाशय सूखने लगे हैं, भूगर्भीय जल का दूषित होना मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा बन गया है, लोग आरओ के पानी के सहारे जीने का अभिशाप झेल रहे हैं, धरती की कोख सूख रही है, भूगर्भीय जल स्तर लगातार नीचे खिसक रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर ना तो जनता ही गंभीर है और ना हीं प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं, इसी श्रृंखला में मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण की सुस्ती भी भारी पड रही है, अब विकास प्राधिकरण ने 194 भवन स्वामियों को 2 करोड़ 51 लाख की धनराशि के नोटिस जारी किये हैं, इनमें कई नामीगिरामी बिल्डर द्वारा डेवलप की गईं बड़ी कॉलोनियां भी शामिल हैं, निर्माण पूरे हो गये व भवन बिक गये और तो और आबादी तक बस गई लेकिन रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की ना तो एमवीडीए ने ही टोह ली और ना हीं भवन स्वामियों और कॉलोनाइजर ने इसे गंभीरता से लिया है ।
बिल्डरों व कॉलोनाइजरों से एफडीआर के रूप में जब्त किए गए 2 करोड़ 51 लाख से अब विप्रा इंजीनियर संबंधित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्लांट लगवाएंगे, इसमें बड़े कालोनाईजर एमपी इंफ्रा स्टेक्चर, एमएल अरोड़ा, राधावेली श्री ग्रुप, देवेश इंफ्रा स्टेक्चर आदि निजी बड़े नामीगिरामी कॉलोनाइजर भी शामिल हैं, कुछ समय के दौरान 466 प्लाट पर भवन स्वामियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान करने की शर्त पर भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई, इसके लिए एफडीआर भी जमा कराई जाती है, गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए थे, इस पर भी 164 भवन स्वामियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर सचिव के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया ।







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