संस्कारों की डोर से कटने के कारण बढ़ रहा है युवाओं में नशा
संस्कारों की डोर से कटने के कारण बढ़ रहा है युवाओं में नशा
-बलदेव के बरामई खेड़ा में आयोजित हुआ तीन दिवसीय श्रीराम कथा व देवयज्ञ
मथुरा । बलदेव क्षेत्र के गाँव बरामई खेड़ा में आयोजित तीन दिवसीय वैदिक रामकथा एवं देवयज्ञ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, समापन सत्र को संबोधित करते हुए संस्कार जागृति मिशन की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ0 अर्चना प्रिय आर्य ने समाज और युवाओं की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, कहा कि आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहा है, जो पूरे समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक विषय है ।
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उन्होंने मातृशक्ति का आह्वान करते हुए विशेष जोर दिया कि संतान के निर्माण में सबसे पहला और महत्वपूर्ण कर्तव्य माँ का होता है इसलिए अब मातृशक्ति को अपनी इस महान जिम्मेदारी के प्रति जागना होगा, उन्होंने बहुत ही सारगर्भित बात कही कि हम भगवान राम और कृष्ण के गीत व भजन तो बहुत गाते हैं, किंतु उनके उच्च आचरण और आदर्शों को अपने जीवन में नहीं उतारते, संदेश दिया कि यदि हमें समाज का वास्तविक सुधार करना है तो हमें पुनः अपनी वैदिक संस्कृति और संस्कारों की ओर लौटना होगा।
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कथावाचिका सविता शास्त्री ने भगवान श्री राम के प्रेरक प्रसंगों को सुनाया, उन्होंने कहा कि जिस तरह राम ने अपना जीवन जीया था हमें भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उतरना चाहिए, कार्यक्रम की अध्यक्षता सौदान सिंह पूर्व प्रधान द्वारा की गई, प्रातः काल तीनों दिन वैदिक यज्ञ आचार्य सत्यप्रिय आर्य पूर्व प्रधान द्वारा सम्पन्न कराया गया, आयोजक वैद्य बंगाली आर्य, रमेश चंद्र आर्य, चंद्रप्रकाश अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया, ब्रजेश शास्त्री, बच्चू सिंह, स्वामी संपूर्णानंद, रमाकान्त, सूरजभान हवलदार, सुग्रीव सिंह, रामदेव आर्य, छिद्दा सिंह आर्य, वीरी सिंह बघेल आर्य, डा0 भगवती, हरिप्रसाद, शंकर भगत, जयपाल सिंह कैप्टन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे ।
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