आंदोलन : चीनी मिल से पहले, इथेनॉल प्लांट रद्द करने की मांग
आंदोलन : चीनी मिल से पहले, इथेनॉल प्लांट रद्द करने की मांग
-किसान 15 अक्टूबर को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ लखनऊ करेंगे कूच
-20 एकड़ जमीन पर इथेनॉल प्लांट की मंजूरी का पूर्व सैनिकों ने किया भंडाफोड़
मथुरा । छाता चीनी मिल की जगह इथेनॉल प्लांट लगाए जाने की सरकारी योजना के विरोध में किसानों और पूर्व सैनिकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, धरने की भावी रणनीति का खुलासा करते हुए भूतपूर्व सैनिक परिषद के ललित कर्मयोगी ने कड़े तेवर दिखाए हैं, उन्होंने बताया कि परिषद के पास कुछ अहम दस्तावेज उपलब्ध हुए हैं जिनसे साफ होता है कि चीनी मिल की करीब 20 एकड़ जमीन लीज पर देकर वहां एथेनॉल प्लांट लगाने की मंजूरी सरकार द्वारा दे दी गई है और अब सिर्फ इसका टेंडर होना बाकी है । 
उन्होंने कहा कि किसानों की मूल मांग चीनी मिल की थी जिसे दरकिनार कर इथेनॉल प्लांट थोपा जा रहा है, सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इथेनॉल प्लांट के फैसले को रद्द कर वहां चीनी मिल लगाने का निर्णय नहीं लिया तो क्षेत्र के किसान और पूर्व सैनिक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, इस रणनीति के तहत 15 अक्टूबर को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ करीब 20 हजार किसान लखनऊ कूच करेंगे। .jpg)
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में पाँच हजार मातृशक्ति महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर भाग लेंगी, ललित कर्मयोगी ने कहा कि किसान पर अपार संसाधन उपलब्ध हैं, इसके बावजूद किसानों के हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है, उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि किसान और पूर्व सैनिक बड़ी-बड़ी लड़ाइयां जीतने का जज्बा रखते हैं, यदि उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया तो इस बार का लखनऊ कूच ऐतिहासिक होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।



















