गंगा के स्वरूप में नृत्य से नहीं मिटेगा यमुना का प्रदूषण
गंगा के स्वरूप में नृत्य से नहीं मिटेगा यमुना का प्रदूषण
-कांग्रेस नेता ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर लगाये गम्भीर आरोप
मथुरा । ब्रज की जीवनरेखा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र यमुना मैया के लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर कांग्रेस नेता यतेंद्र मुकद्दम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है, उन्होंन एक प्रेस वक्तव्य में सांसद हेमा मालिनी के मंचीय प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंगा के स्वरूप में मंच पर नृत्य करने से धरातल पर यमुना की दुर्दशा समाप्त नहीं होगी, उन्होंने मांग की कि जनप्रतिनिधि प्रतीकात्मक प्रस्तुतियों के बजाय जनता को यमुना स्वच्छता पर ठोस परिणाम और हिसाब दें ।.jpg)
उन्होंने कहा कि सांसद हेमामालिनी को ब्रज की जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मथुरा की यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष उन्होंने क्या प्रभावी पहल की और इसके क्या परिणाम रहे, इसी क्रम में उन्होंने महापौर विनोद अग्रवाल और नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए, उन्होंने कहा कि शहर के गंदे नालों और सीवर के पानी को सीधे यमुना में जाने से रोकने के लिए नगर निगम अपनी कार्ययोजना और अब तक हुए कार्यों का समयबद्ध विवरण सार्वजनिक करे ।(33).jpg)
साथ ही स्थानीय विधायक श्रीकांत शर्मा से सवाल करते हुए यतेंद्र मुकद्दम ने पूछा कि यमुना शुद्धीकरण के लिए किए गए वादों का क्या हुआ कौन कौन सी परियोजनाएं पूरी हुईं और उनसे नदी के जल की स्वच्छता में क्या सुधार आया, इसका तथ्यात्मक हिसाब जनता के सामने रखा जाए, उन्होंने आरोप लगाया कि यमुना शुद्धीकरण के नाम पर वर्षों से करोड़ों अरबों रुपये का बजट जारी होने की बातें की जाती हैं लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है ।
उन्होंने मांग की कि सरकार व प्रशासन यमुना स्वच्छता पर अब तक स्वीकृत बजट खर्च की गई धनराशि पूरी हुई और लंबित परियोजनाओं का विस्तृत श्वेतपत्र जारी करे, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों एसटीपी की कार्यप्रणाली उनकी वास्तविक क्षमता और शोधित जल की गुणवत्ता की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो ।















