
धर्म विशेष के लोगों द्वारा धार्मिक कार्यों में शामिल होने पर जताई आपत्ति, अपील
धर्म विशेष के लोगों द्वारा धार्मिक कार्यों में शामिल होने पर जताई आपत्ति, अपील
-राष्ट्रीय हिंदत्व कला एकता संगठन व काशी विद्वत परिषद एवं धर्माचार्य संघ ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मथुरा । सनातन धर्म में धार्मिक आयोजन का महत्व बहुत ही पवित्र माना जाता है और बड़ी ही शुद्धता और पवित्रता के साथ हर आयोजन होते हैं इसीलिए सनातन धर्म को सर्वश्रेष्ठ माना गया है,
इसी को लेकर शनिवार को राष्ट्रीय हिंदत्व कला एकता संगठन, काशी विद्वत परिषद और धर्माचार्य संघ के द्वारा जिलाधिकारी को एक सयुंक्त रूप से ज्ञापन सौंपा गया जिसमें धर्म विशेष के लोगों द्वारा नाम व पहचान बदलकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की मांग की गई है ।
हिंदूवादी संगठनों के द्वारा कहा गया कि सनातन धर्म हम सनातनियो की आस्था का केन्द्र हैं, धर्म विशेष के लोगो के द्वारा हमारे धर्मिक आयोजनों की मर्यादाओं का अपमान किया जा रहा है, यह लोग हमारे धार्मिक आयोजन जैसे भागवत कथा राम कथा एवं अन्य कथाएं भजन संध्या एवं अन्य भजन कीर्तन देवी जागरण माता की चौकी जैसे पवित्र आयोजनों में नाम और पहचान छिपाकर जाते है, अयोजको द्वारा लगाए गए तिलक को मिटा देते है, सम्मान में जो देवी देवताओं की छवि के मोमेंटम और चित्रपट मिलते है उन्हें भी वही छोड़ जाते हैं और ये मांसभक्षी है, जहां पवित्र अनुष्ठानिक आयोजनों में स्वयं आयोजक लहसुन प्याज़ तक नही खाते हैं, वहां इन मांसभक्षियो का आना उचित नही है, इन्होंने फ़र्ज़ी हिन्दू नाम रखे हुए है जिस पहचान से यह हिन्दू धर्मिक आयोजन करते है उन्ही नमो से फ़र्ज़ी आधार कार्ड भी बनवा रखे है नाम जिहाद के साथ वैचारिक जिहाद और लव जिहाद भी धार्मिक कार्यों के माध्यम से फैलाया जा रहा है ।
वृन्दावन के संत धर्माचार्यों आचार्य ब्राह्मण संगठन के कार्यकर्ता एवं वृन्दावन, मथुरा, आगरा, हाथरस, अलीगढ़ एवम आसपास के सैकड़ों सनातनियों ने एसएसपी और डीएम को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि अगर आपको हमारे पवित्र कार्यक्रमों में आना है तो ओरिजनल नाम और आपका जो स्वरूप है जालीदार टोपी लगाकर धर्म की मर्यादाओं को ध्यान मैं रखकर कार्य कर सकते हैं, हमे उसमें कोई आपत्ति नहीं ताकि हमारी बहन बेटियों को आपके बारे में और आपके धर्म के बारे सबकुछ पता रहे, हिंदूवादी संगठनों के लोगो ने कहा कि जब आप इतने सालों से भजन गायन, भागवत कथा कार्यक्रमों में सालों से काम कर रहे हो तो आज तक आपने अपने घर पर सुंदरकांड, भागवत, जागरण जैसे पवित्र कार्यक्रम क्यों नहीं कराए ।