
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सार्वजनिक नहीं निजी संपत्ति है-गोस्वामी
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सार्वजनिक नहीं निजी संपत्ति है-गोस्वामी
बुधवार को मंदिर प्रांगण में जुटे गोस्वामियों ने दी चेतावनी, कदम पीछे खींचे सरकार
वृन्दावन (मथुरा) । सरकार द्वारा प्रस्तावित ठाकुंर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर पर मंदिर के गोस्वामियों ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर अपने कदम पीछे खींचे, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं है, यह हमारी निजी संपत्ति है, वृंदावन में गोस्वामियों को लगने लगा है कि मंदिर अब उनके हाथ से निकल रहा है जिसके लिए वह पूरी ताकत से सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लडाई लड रहे हैं, वहीं सरकार इस मामले में पूरी तेजी दिखा रही है, यह देखते हुए गोस्वामियों ने अपना विरोध तेज कर दिया है।
सरकार द्वारा प्रस्तावित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण बताया गया है लेकिन सेवायतों का मानना है कि यह परियोजना मंदिर की परंपरा, संरचना और अधिकारों का हनन है। गोस्वामी समाज का कहना है कि यह प्रयास धार्मिक हस्तक्षेप के समान है, वृंदावन में श्री बांके बिहारी मंदिर में प्रस्तावित कॉरिडोर और सरकार द्वारा लाए जा रहे संभावित अध्यादेश के विरोध में बुधवार को मंदिर के सेवायत गोस्वामियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
बुधवार को राजभोग की आरती के बाद गोस्वामीयों ने मंदिर परिसर में एकत्रित होकर नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया, विरोध कर रहे गोस्वामियों द्वारा बताया गया है कि श्री बांके बिहारी मंदिर कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं, बल्कि स्वामी हरिदास जी के वंशजों की पीढ़ियों से चली आ रही निजी संपत्ति है। सेवायत आशीष गोस्वामी ने कहा हमने जन्म से ठाकुर जी की सेवा की है। सरकार हमसे यह छीनना चाहती है जिसे हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे ।