
नई कॉलोनी के नाम पर रातों रात खिंच जाती हैं विद्युत लाइन
नई कॉलोनी के नाम पर रातों रात खिंच जाती हैं विद्युत लाइन
-एमवीडीए द्वारा ध्वस्त की जा चुकीं हैं ऐसी तमाम अवैध कॉलोनियां
मथुरा । एक आम आदमी को कनेक्शन लेने, मीटर बदलवाने या कोई दूसरा काम विभाग से कराने में चप्पल घिस जाती हैं, वहीं कॉलोनी के नाम पर काटे जाने वाले भूखंडों में सबसे पहले विद्युत सुविधा पहुंचती है, विद्युत खम्भे गढ जाते हैं और तार भी खिंच जाते हैं, मानों विभाग को नए भूखण्डों पर आवासीय परिसर बनने की उत्सुकता सबसे ज्यादा हो ।
लोग हैरान है कि नई कॉलोनी के नाम पर रातों रात खेतों में विद्युत लाइन कैसे खिंच जाती हैं, इस तरह की तमाम कॉलोनियों को एमवीडीए अवैध बता कर ध्वस्त कर चुका है। लोगों को मानकपूरे होने का आभास कराने में यह विद्युत पोलों पर खिंचे तार मददगार साबित हाते हैं। हालांकि अब इस तरह के मामले भी सामने आ रहे हैं कि इस विद्युतीकरण का विभाग के पास कोई लेखा जोखा नहीं हैं। यानी खम्भे कहां से आए, तार किसने खींचे इस सब का विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है।
कोसीकला के आसपास बिना परमीशन के कोलोनाईजरो के द्वारा बनायी जा रही कालौनी मे लगने वाल विधुत पोल और विधुत तार विभागीय अधिकारियो और कर्मचारियो की मिलीभगत के चलते ना कुछ पैसो मे लगाये जा रहे है जिस कारण विभाग को राजस्व मे काुी क्षति पहुच रही है और अधिकारियो एंव कर्मचारियो की बल्ले बल्ले हो रही है। उक्त शिकायत को लेकर व्यापारी संगठन ने उच्चाधिकारियो को शिकायत कर जाच कराने की मांग की है और पाये जाने वाले दोषियो के खिलाफ कार्यवाही की बात कही है।
कोसीकलां के आसपास के क्षेत्र शाहपुर रोड शेरगढ रोड बठैनरोड आदि जगहो पर पर कोलोनाईजारो के द्वारा भूखण्ड काटे गये है कोलोनाईजरो के द्वारा ग्राहको को लुभाने के लिये विधुत विभाग के पोल और विधुत तार भी लगाये गये है। ऐसा नही कि अभी भूखण्डो को समस्त ब्रिकी हो गयी हो होनी भी शेष है। व्यापारी संजय गर्ग न बताया कि बिना विधुत विभाग मे पैसा जमा कराये आखिर कोलोनाईजरो के पास इतनी भारी संख्या मे विधुत पोल और विधुत तार कहा से आ रहे है कही विभाग की रिवीप योजना को तो पलीता नही लगाया जा रहा है कोसीकलां मे आने वाली योजनो के नाम के सामान को कोलोनाईजरो की अविकसित कालौनी मे लगाया जा रहा है। बाबत इसके जानकारी की गयी तो गोलमाल निकला और शिकायत विभाग के उच्चाधिकारियो सहित मुख्यमंत्री से पत्र भेजकर की है।