
कॉरिडोर के विरोध में वृंदावन की सड़कों पर उतरे भाजपाई
कॉरिडोर के विरोध में वृंदावन की सड़कों पर उतरे भाजपाई
-भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधु शर्मा विरोध में हुईं शामिल, कॉरिडोर का किया विरोध
मथुरा । ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया पूरी गति से आगे बढ रही है, कॉरिडोर की जद में आ रहे मकान दुकानों का सर्वे हो चुका है, कुछ लोग अपने कागजात भी जिला प्रशासन को सौंप चुके हैं जिससे मुआवजा मिलने की प्रक्रिया आगे बढे, वहीं कॉरिडोर के विरोध को धार देने की कोशिश एक बार फिर तेज हो गई है, इस बार कोई और नहीं बल्कि खुद भाजपाई आगे गये हैं जबकि स्थानीय पार्षद लगातार विरोध कर रहे हैं ।
अब भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मधु शर्मा और कई अन्य कद्दावर भाजपा नेताओं ने विरोध को मोर्चा सम्हाला है, शुक्रवार को भाजपा नेताओं के नेतृत्व में बडी संख्या में लोग वृंदावन की सडकों पर उतर आये और रैली निकाल कर सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया, इस प्रदर्शन के दौरान साफ तौर पर यह दिखाने की कोशिश हुई की वृंदावन की जनता की आवाज को अनसुना किया जा रहा है, जनसमर्थन के साथ एक बार फिर विरोध स्वरों को तेज करने की कोशिश हुई है, यह सब इसके बाद है कि विगत कई दिनों से लगातार कॉरिडोर के समर्थन में लोग सामने आ रहे थे ।
सामाजिक संगठन, किसान, कर्मचारी, महिला, धार्मिक व जातीय आदी संगठन लगातार कॉरिडोर के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे थे। ऐसे में विरोध के स्वर धीमे हुए और लोगों के बीच कॉरिडोर के विरोध की बात भी कम हो रही थी, शुक्रवार को वृंदावन की सड़कों पर सैकड़ो की संख्या में महिला और पुरुषों का हुजूम देखने को मिला, जो नारेबाजी करते हुए सरकार पर वृंदावन के स्वरूप को नष्ट करने का आरोप लगा रहे थे, अष्टसखी मंदिर से चली भीड स्नेह बिहारी मंदिर होते हुए वापस बांके मंदिर के गेट नंबर एक पर पहुंची और यहां विरोध सभा के रूप में परिवर्तित हो गई।
विरोध प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष मधु शर्मा भी अपनी सरकार को कोसती नजर आई, सांसद हेमा मालिनी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा की महिला होते हुए भी हमारी सांसद को महिलाओं का दर्द दिखाई नहीं दे रहा, बृज तीर्थ विकास परिषद को भी मधु शर्मा ने आड़े हाथों लिया और कहा कि सरकारी आवास में रहने वाले अधिकारी कुटिया बनाकर रह रहे हैं और वृंदावन के स्वरूप को खराब करना चाहते है, मधु शर्मा ने कहा कि ऐसे थोपे हुए अधिकारी यहां हैं जिन्होंने हर सरकार के साथ काम किया है, यहां ऐसे ही थोपे हुए जनप्रतिनिधि हैं, यहां जो अधिकारी बिठाये हैं, वह भी अपने सरकारी आवासों में कुटिया बना कर रहे हैं, इनकी मंशा क्या है। उन्होंने कहा कि ऐसी सांसद को धिक्कार है जिन्हें ब्रज की महिलाओं को खून से पत्र लिखने पड गये। हम मुख्यमंत्री को उनकी पूर्व में कही बातों को याद दिलाना चाहते हैं। मैने एमवीडीए अधिकारियों को यह कहते हुए सुना कि वृंदावन से गोकुल तक पैदल पथ बनाया जाएगा, सबकुछ अधिग्रहण में आने वाला है ।