
पांच दिवसीय जयगुरुदेव गुरु पूर्णिमा मेला का हुआ समापन
पांच दिवसीय जयगुरुदेव गुरु पूर्णिमा मेला का हुआ समापन
मथुरा । जयगुरुदेव आश्रम परं चल रहे पांच दिवसीय जयगुरुदेव गुरुपूर्णिमा मेला के अंतिम दिन प्रातःकाल उपदेशक बाबूराम ने अपने सम्बोधन में कहा कि सभी महापुरुषों ने मानव शरीर को सर्वश्रेष्ठ बताया है क्योंकि यह साधना का धाम है। आत्मा के साथ मन लगा हुआ है जिसमें बड़ी चंचलता है। जब शब्द की साधना साधक करते हैं तो उसे पकड़ कर मन अपने स्थान पर जाकर शान्त हो जाता है। सन्त सत्गुरु की बैठक ऊपरी मण्डलों में है वहां पहुंचने पर सारे ब्रहमाण्ड की रचना दिखाई पड़ती है।
सतीश चन्द्र जी ने अपने प्रवचन में कहा कि तीज त्योहार एक नई चेतना व उत्साह लेकर आते हैं, उसे महात्माओं ने आध्यात्मिक रूप भी प्रदान किया, गृहस्थ आश्रम में रहकर अपना लोक परलोक दोनों बनायें। कुछ समय निकाल कर नित्य प्रभु की याद करें। शाकाहार अपनाने, नशों के त्याग व आंखों में मां, बहन, बेटी की पहचान लाकर अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनें तथा आने वाले भविष्य को अच्छा बनायें। आज गुरु पूर्णिमा सत्संग मेला का समापन है। इस आयोजन में 1 दर्जन दहेज रहित विवाह सम्पन्न हुये। हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं, संस्थाध्यक्ष पंकज महाराज ने पांच दिवसीय गुरु पूर्णिमा सत्संग मेला में अपना सद्भावपूर्ण सहयोग प्रदान करने वाले सभी सम्मानित अधिकारियों कर्मचारियों व समस्त ब्रजवासियों का आभार व्यक्त किया है।