
हीरा ताल : पानी है और ना ही सफाई, सीईओ ने जताई नाराजगी
हीरा ताल : पानी है और ना ही सफाई, सीईओ ने जताई नाराजगी
- सीईओ ने किया निरीक्षण, ग्राम पंचायत ने देखरेख में रोया घन अभाव का रोना
मथुरा । उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने सोमवार को हीरा ताल का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत मांट मूला के अधीन ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाली धरोहर पर देखरेख का पूर्णतया अभाव मिला। यहाँ महीनों से सफाई का कार्य नहीं हुआ। पेड़ के उखड़ने से रैलिंग टूट गई। कई स्थान पर पेवर धंस गए हैँ और ताल भी सूखा था। इस पर सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को पांच दिन में संबंधित समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए ।
तहसील मुख्यालय मांट स्थित हीरा ताल का विकास कुछ वर्ष पहले किया गया था। देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी गई। लेकिन, ग्राम पंचायत देखरेख करना भूल गई। इसकी सूचना पर सोमवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता प्रशांत गौतम, राजकीय निर्माण निगम के पीएम हरेंद्र सिंह, सहायक अभियंता दूधनाथ यादव, गीता शोध संस्थान से उमेश चंद्र निरीक्षण करने पहुंचे। यहाँ सफाई कार्य का पूरी तरह अभाव मिला। महीनों से सफाई नहीं हुई थी। घास, झाड़ियां उगी हुई थीं। गंदगी के ढेर थे। एक पेड़ के गिरने से रैलिंग टूटी मिली, 32 में से 22 सोलर लाईट बंद मिली।
सीईओ ने तत्काल डीपीआरओ को सफाई कार्य के लिए निर्देशित किया। उन्होंने एडीओ पंचायत और खंड विकास अधिकारी से नाराजगी जताते हुए परिसर में सफाई कार्य और ताल में पानी भरने के लिए नाली की सफाई कराने को कहा। इसके बाद नियमित सफाई के लिए ग्राम प्रधान को निर्देश दिए। ग्राम प्रधान ने विद्युत संयोजन में देरी के लिए अफ़सोस जताया, कहा कि मंगलवार को कनेक्शन के लिए आवेदन कर देंगे, रैलिंग मरम्मत का कार्य राजकीय निर्माण निगम को करने के निर्देश दिए, सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि हीरा ताल संबंधी कार्य पांच दिन में संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरे किए जाएंगे, इसके बाद स्थलीय निरीक्षण डिप्टी सीईओ करेंगे और अपनी रिपोर्ट देंगे, कहा कि स्थानीय लोगों से इस रमणीक स्थल पर धार्मिक आयोजन करें, इस स्थल की देखरेख में भी सहभागिता निभाएं, इस दौरान वृन्दावन दास महाराज, मथुरेश नारायण एडवोकेट, गोविन्द शरण शर्मा, प्रमोद शर्मा, सौरभ शर्मा, हरी काका, हरिओम उपाध्याय, अरुण रावत आदि भी मौजूद रहे।